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New Delhi: 15 अगस्त को लोग आजादी का जश्न पतंग उड़ा कर मनाते हैं लेकिन ऐसे जश्न का भला क्या फायदा अगर वो किसी जान ले ले तो। हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोगों की खुशी मनाने के तरीके की वजह से कईयों की जिंदगी छीन गई। हम बात कर रहे हैं उन मासूम पक्षियों की जिनकी जान इस चाइनीज मांझे ने छीन ली। दिल्ली—एनसीआर में इस बार चायनीज और प्लाटिक मांझे की वजह से 600 से ज्यादा पक्षी जहां घायल हो गए वहीं 250 की जान चली गई। इतना ही नहीं इस बार तो इसकी वजह से एक इंजीनियर की भी जान चली गई।

मांझे से कुछ घायल और कुछ मरे हुए पक्षी जहां सड़क पर पड़े थे वहीं कुछ मांझे में उलझ कर बीच में ही लटके थे। वहीं कुछ लोगों ने इंसानियत का परिचय देते हुए पक्षियों को अस्पताल भी पहुंचाया।

इस बार की 15 अगस्त बेहद खास थी क्योंकि इस दिन रक्षाबंधन भी था लेकिन इस दिन की खूबसूरती तब बिगड़ गई जब इस चाइनीज मांझे की वजह से बहन की रक्षा का वादा करने वाले भाई की जान चली गई। रोहिणी सेक्टर -1 के कृष्ण विहार इलाके में रहने वाले मानव शर्मा जो कि पेशे से एक सिविल इंजीनियर थे अपनी बहनों के साथ हरि नगर जा रहे थे। लेकिन पश्चिम विहार से जनकपुरी की ओर जाते हुए उनकी गर्दन में मांझा लिपट गया। ये सब इतना जल्दी हुआ कि जब तक मानव कुछ समझ पाते उनकी गर्दन कट चुकी थी।

इस घटना के बाद से पूरा परिवार गम के माहौल में डूबा है। अक्षरधाम फ्लाइओवर के पास एक 5 साल के बच्चा अपने माता—पिता के साथ बाइक पर बैठ कर जा रहा कि उसके गले में चाइनीज मांझा लिपटने की वजह से खून निकलने लगा। वो तो पिता ने समझदारी दिखते हुए खून को रूमाल से पोंछा और उसे अस्पताल पहुंचाया।

डाबड़ी फ्लाइओवर पर एक बुजुर्ग के चेहरे को भी चाइनीज मांझे ने चोट पहुंचाई और उन्हें अस्पताल पहुंचाना पड़ा। हालांकि कोर्ट ने चाइनीज मांझे को बैन कर रखा लेकिन उसके बावजूद भी बाजारों में ये बेधड़क बेचा जा रहा है। अब सोचना हमे है कि क्या इस सस्ते चाइनीज मांझे की ​कीमत किसी इंसान और इतने बेकसूर पक्षियों की जान से बढ़कर है?

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