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अंतराष्ट्रीय स्तर से दबाव के बावजूद पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। वह अपने नाकामियों को छुपाने के लिए लगातार सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। बुधवार की मध्य रात्री को पाकिस्तान आर्मी ने जम्मू कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में युद्धविराम का उल्लंघन कर 81 एमएम और 120 एमएम मोर्टार के गोले दागे, जिसकी रेंज 5 से 6 किलोमीटर है और ये 50 से 100 मीटर एरिया में तबाही मचा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाक के तरफ दागे गए दो गोले में नौशेरा सेक्टर में रहने वाले मोहम्मद हनीफ और उनकी बीवी घायल हो गए। उधर, भारतीय सेना भी पाकिस्तान की इस फायरिंग का पूरी मजबूती के साथ माकूल जवाब दे रही है।

गुरूवार 10 मई को एपीएन न्यूज के खास कार्यक्रम मुद्दा में दो अहम विषयों पर चर्चा हुई। इसके पहले हिस्से में पाकिस्तान के नाकामियों के मसले पर चर्चा हुई। इस अहम विषय पर चर्चा के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे। इन लोगों में गोविंद पंत राजू (सलाहकार संपादक एपीएन न्यूज), मेजर जनरल एस पी सिंहा (रक्षा विशेषज्ञ), सुशील पड़ित (कश्मीर मामले के जानकार), सुरेन्द्र राजपूत (प्रवक्ता कांग्रेस), और आर पी सिंह (राष्ट्रीय सचिव) शामिल थे। शो का संचालन एंकर हिमांशु दीक्षित ने किया।

सुशील पड़ित ने कहा कि सरकार को कश्मीर समस्या का हल निकालना है तो सर्वप्रथम हमें अपने लॉ एंड ऑडर को मजबूत करना होगा। सरकार कश्मीर में पत्थरबाजों को बिना वार्निंग दिए छोड़ देती हैं, जिसके बाद कश्मीर कई महीने तक आतंक के साए में जीता है। भारतीय जवान सीमा पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने में सक्षम है लेकिन क्या सरकार देश के अंदर पनप रही आंतरिक गतिविधियों को खत्म करने में सक्षम है।

मेजर जनरल एस पी सिंहा ने कहा कि फौज सरकार का ब्रह्मास्त्र है और इस ब्रह्मास्त्र के समक्ष सभी आतंकी और अलगाववादी को झुकना पड़ेगा। लेकिन कश्मीर मुद्दा चिंता का विषय है जहां आज हमारे जवानों के सामने दक्षिण कश्मीर के कुछ बच्चे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते है और बीएसएफ के गाड़ियों पर लात मारते है।

सुरेन्द्र राजपूत ने कहा कि जनरल सिंह के बातों से में सहमत हूं, आज राजनीति समस्या राजनीति और फौजी समस्या फौज से दूर होगी। मेजर जनरल और बीजेपी प्रवक्ता अपने मत को केंद्र, वित्त और गृह मंत्रालय के समझ जाकर रखे।

आर पी सिंह ने कांग्रेस प्रवक्ता पर तंज कसा,‘कांग्रेस प्रवक्ता भूल गए की जिस पीडीपी का आज यह विरोध कर रहे है उसी पीडीपी के साथ इन्होंने मिलकर कश्मीर में सरकार बनाई थी।’ कांग्रेस ने उन्हे खुश करने के लिए स्वार्थ की राजनीति किया और रही बात स्वार्थ की तो कांग्रेस के जड़ में जाए तो हमें अंदर पंडित नेहरू बैठे मिलेंगे।

गोविंद पंत राजू ने कहा कि देश को फैजल के मौत का उतना ही दुख है जितना सीमा पर शहीद जवानों पर, मुझे लगता है कि इस घटनाक्रम के बाद सरकार के नीतियों में कोई न कोई टर्निंग प्वाइंट होगा। सरकार को नीतियों में बदलाव की जरुरत है।

क्या सच में EVM हैकिंग हुई?

इसके दूसरे हिस्से में ईवीएम से हुए छेड़छाड़ पर मचे बवाल पर चर्चा हुई। इस अहम मुद्दे पर चर्चा के लिए भी विभिन्न क्षेत्रों  के विशेषज्ञ शामिल थे। इन लोगों में गोविंद पंत राजू, सुरेन्द्र राजपूत, आर पी सिंह रविदास मेहरोत्रा (नेता सपा)  शामिल थे।

यूपी विधानसभा चुनाव और दिल्ली एमसीड़ी चुनाव में बीजेपी को भारी बहुमत से मिली जीत के बाद सभी पार्टियां ईवीएम पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है। उधर आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय के नेतृत्‍व में पार्टी कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। पार्टी नेता गोपाल राय ने कहा,’बीजेपी तमाम चुनाव ईवीएम के गड़बड़ी कर जीत रही है, चुनाव आयोग अपनी मशीने दें और उनके इंजीनियर इसे हैक करके दिखाएंगे। हाल ही में आप ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सदन में ईवीएम जैसी दिखने वाली मशीन को हैक करने का डेमो दिखा चुकी है।

सुरेन्द्र राजपूत ने बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी और सुब्रह्यम स्वामी के ‘कंधे पर बंदूक रख’ चलाते हुए कहा,’हम केवल स्वामी द्वारा ईवीएम पर दिए गए बयान के मुद्दे को उठा रहे है।’ चुनाव आयोग और भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि वह गोपाल राय द्वारा ईवीएम पर उठने वाले निष्पक्षता के चुनौति को स्वीकार कर जनता के संदेह को दूर करे।

आर पी सिंह ने कहा कि आप पार्टी की गोवा चुनाव में 39 में से 38 सीटों पर जमानत जब्त हो गई जिसके चलते वह गोवा के परिणाम पर प्रश्नचिंह नहीं लगा सकते। रही बात दिल्ली की तो दिल्ली में इन्ही के आप विधायक भागवंत मान का बयान आया था कि ‘दिल्ली में आप की हार का कारण ईवीएम नहीं बल्की आप की नीतिया रही।’

रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि सभी चुनाव में ईवीएम से साथ वोट वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल(वीवीपैट) लगाई जाए। उन्होंने आगे कहा कि इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस मशीन का प्रयोग नहीं किया गया।

गोविंद पंत राजू ने कहा कि विपक्षी पार्टियां ईवीएम के निष्पक्षता पर सवाल उठा केवल राजनीति करना चाहती है।

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