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योगी सरकार जहाँ एक ओर बिजली चोरी रोकने के लिए हर जिले में इस कार्य के लिए अलग से पुलिस थाने खोलने की बात कर रही है, वहीँ बिजली विभाग के आंकड़ों की ही मान लें तो राज्य के बदायूँ,गाज़ियाबाद सहित अन्य जिलों में खुद पुलिस विभाग ही बिजली चोरी कर उपयोग कर रहा है। इसी को लेकर जब एपीएन की टीम ने पड़ताल की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।

गाजियाबाद के अलग अलग थानों की बात करें तो कविनगर थाना,सिहानी गेट थाना,कोतवाली,गाजियाबाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय,साहिबाबाद थाना में मीटर तो लगा है लेकिन मीटर से पहले ही कट लगाकर धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही हैं।

बदायूं में भी कुछ ऐसा ही नजारा है। यहाँ की चार पुलिस चौकियों में बिना बिजली कनेक्शन के चोरी से लाइट का प्रयोग हो रहा है।। अब सवाल यह उठता है कि जब पुलिस ही बिजली चोरी कर रही है तो आम आदमी को किस मुंह से बिजली चोरी रोकने को कहेगी। इन पर कारवाई कौन करेगा?

UP police power thief ,How will Controlएपीएन न्यूज़ की टीम ने बदायूँ की कई पुलिस चौकियों पर बिजली चोरी का रियलिटी टेस्ट किया। बदायूँ शहर की ही चार  पुलिस चौकियों पर बिना कनेक्शन के चोरी से बिजली का प्रयोग हो रहा है। शहर की पुलिस चौकी रोडवेज, पुलिस चौकी सिविल लाइंस, पुलिस चौकी मंडी समिति और पुलिस चौकी जवाहरपुरी पर बिना कनेक्शन के बिजली चोरी हो रही है। वहीँ अगर पूरे जिले की जांच की जाए तो दर्जनों चौकियाँ ऐसी होंगी जिनमे बिना कनेक्शन के चोरी से बिजली का प्रयोग हो रहा होगा।

बदायूं के थानों में हो रही बिजली चोरी के सम्बन्ध में जब एपीएन की टीम ने बिजली विभाग के इंजिनियर अतुल अग्रवाल से बात की तो पहले तो उन्होंने जानकारी को ही गलत बताया। उनका कहना था कि अधिकाँश थानों और चौकियों में कनेक्शन हैं, लेकिन कुछ जगह पर मीटर नही लगे हैं, लेकिन जब उनसे कनेक्शन की लिस्ट मांगी तो उस लिस्ट के हिसाब से ही केवल बदायूँ शहर की ही 4 चौकियों पर कनेक्शन नही हैं।

गाज़ियाबाद के थानों में बिजली चोरी के बाबत जब चीफ इंजीनियर एस के गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गाजियाबाद पुलिस पर पहले से ही 5 करोड़ 58 लाख का बकाया है।

आम उपभोक्ताओं के थोड़े से बकाए पर कनेक्शन काट देने वाला और मीटर न लगे होने पर एफआईआर करा देने बाला बिजली विभाग आखिर पुलिस पर इतना मेहरबान क्यों है? क्या बिजली विभाग पुलिसिया डंडे से खौफ खाता है या फिर कोई और कारण है? अब सवाल यह उठता है कि योगी भले ही बिजली चोरी रोकने को पुलिस थाने बना दें, लेकिन खुद बिजली चोरी करने वाली पुलिस कैसे दूसरे लोगों के खिलाफ कार्यवाही करेगी?

बिजली चोरी रोकने के लिए योगी सरकार बहुत जतन कर रही है। चोरी रोकने के नए-नए तरीके अख्तियार किये गए हैं। लेकिन यूपी पुलिस की बात आते ही यह सब फैसले नियम और कानून  बेमानी साबित हो रहे हैं। इस खबर को दिखाने का हमारा उद्देश्य ये है कि योगी सरकार की बिजली चोरी से सम्बंधित यह मुहिम केवल आम जनता पर ही लागू न हो। इसके लिए पुलिस पर भी वही कार्यवाही बनती है। अब देखते हैं बिजली विभाग क्या कार्यवाही करता है और थानों से लेकर अधिकारियों तक बिजली चोरी बन्द होती है या नहीं?

यहाँ देखें वीडियो-

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