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देश में व्याप्त बेटा-बेटी के फर्क को मिटाने की महिला सांसद ने अनूठी पहल की है। राजस्थान के झुंझुनू जिले की सांसद संतोष अहलावत ने इस फर्क को मिटाने के लिए अपनी बेटी को घोड़ी पर बिठा दिया। इस अनूठी घुड़चढ़ी को देखने के लिए चिरावा कस्बे के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आम तौर पर दूल्हा ही घोड़ी चढ़ता है, लेकिन पहली बार दुल्हन की घुड़चढ़ी ने उन सभी प्रथाओं पर करारा प्रहार किया है जो लड़का-लड़की में भेद पैदा करती हैं।

दुल्हन एमबीए पास आउट

सांसद संतोष अहलावत की बेटी गार्गी, ब्रिटेन से एमबीए पास आउट है। भारत लौटने के बाद जब उसने जिले में व्याप्त लड़का-लड़की में भेद-भाव को महसूस किया, तब उसने अपनी इस ‘दुल्हन घुड़चढ़ी मुहिम’  के जरिए समाज की मानसिकता पर प्रहार करने की कोशिश की। वह पिछले तीन दिनों से जिले के विभिन्‍न क्षेत्रों में इस तरह घूम रही हैं। अपनी इस मुहिम के जरिए वह लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना चाहती है और लोगो को समझाना चाहती है कि लड़का और लड़की एक बराबर होते हैं। अपनी शादी से पहले गार्गी तीन दिन तक झुंझुनू के 150 किलोमीटर तक घोड़े से सवारी करेंगी।
8 फरवरी को है शादी

गार्गी की शादी राजस्थान के ही उदयपुर में 8 फरवरी को होनी है। एमबीए पास आउट गार्गी लड़का-लड़की में कोई भेद नहीं समझती है। अपने इस मुहिम के बारे में बात करते हुए गार्गी ने बताया, ‘ग्रामीण इलाकों में लोग टीवी शो या अखबारों में पढ़ने के बजाय ऐक्शन से ज्यादा प्रभावित होते हैं। मेरी मां भी बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं समझती है और वह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कैंपेन भी चला रही हैं। एक सांसद की बेटी अगर ऐक्शन ले रही है तो जरूर इससे सोसायटी में बदलाव आ सकता है। उन्होंने कहा, कि मुझे पूरी उम्मीद है कि एक महिला का घोड़े की सवारी करना जल्द ही दूसरे परिवार के लोग भी फॉलो करने वाले हैं।’

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