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जीएसटी काउंसिल की आज हुई 32वीं बैठक में जीएसटी काउंसिल ने छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ा दिया गया है। सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दी गई है। नई सीमा 1 अप्रैल 2019 से लागू होगी।

इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने एसएमई को वार्षिक रिटर्न फाइल करने की छूट दे दी है। हालांकि इन छोटे कारोबारियों को हर तिमाही टैक्स भरना होगा। पहले इनको हर तिमाही में रिटर्न भी भरना होता था। जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में सभी राज्‍यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके अलावा लॉटरी माफिया पर राज्यों के लॉटरी के बराबर जीएसटी लगाने पर भी विचार किया गया। हालांकि इस फैसले का कुछ लोगों ने विरोध भी किया। केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने इसका विरोध करते हुए कहा कि चुनाव के चलते सरकार अपने फैसलों को राज्यों से सलाह-मशविरे के बिना जीएसटी कॉउंसिल पर थोप रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों पर कॉउंसिल के अंदर बहस की जाएगी। हालांकि कंपोजिशन स्कीम का दायरा बढ़ाने का उन्होंने स्वागत किया। लेकिन लॉटरी पर लिए फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि लॉटरी माफिया पर राज्यों के लॉटरी के बराबर जीएसटी लगाना हमे स्वीकार नहीं है। राज्यों की लॉटरी पर जीएसटी दर बढ़ाना ठीक नहीं है। हम दूसरे राज्यों के साथ मिलकर सरकार के एजेंडे का विरोध करेंगे।

जानकारी के मुताबिक, जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी के दायरे को बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है। अभी तक जीएसटी का दायरा 20 लाख का टर्नओवर वाले कारोबारी है। चर्चा है कि इस सीमा को बढ़ाकर 40 या 50 लाख रुपये किया जा सकता है। इस फैसले से बड़ी संख्या में छोटे कारोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे।

गौरतलब है पिछली बैठक 23 दिसंबर को संपन्न हुई थी और इसमें 26 चीजों पर टैक्स की दर को कम किया गया था। आज जीएसटी काउंसिल की इस बैठक की अध्‍यक्षता वित्तमंत्री अरुण जेटली ने की। जीएसटी के तहत जीएसटी काउंसिल सबसे बड़ी अथॉर्टी है, जो टैक्‍स सहित अन्‍य फैसले करती है।

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