Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

अगर आप अच्छे दिन की आस देख रहे है तो ठहरिए… अभी अच्छे दिन की आस कम से कम इस साल तो सपने की बात है… विश्व बैंक ने मोदी सरकार के अच्छे दिन के नारे को बड़ा झटका दिया है…विश्व बैंक ने हाल में भारत के लिए जो रिपोर्ट जारी की है उसने भारत में महंगाई बम फटने की आशंका पैदा हो गई है… देश में लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है… ऐसे में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से अगर आप राहत की उम्मीद कर रहे हैं, तो ये राहत कम से कम इस साल मिलनी मुश्क‍िल लग रही है… विश्व बैंक ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि इस साल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है… इस हिसाब से पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर के करीब पहुंच सकती है… जो भारत में महंगाई का नया दौर ला सकती है…

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है… हर दिन तेल की कीमतो में कुछ पैसे की बढ़ोतरी हो रही है… गुरुवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के लिए 74.63 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. वहीं, डीजल की बात करें तो यहां आपको 65.93 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं…

विश्व बैंक के अनुमान को देखें तो 20 फीसदी के इजाफे के बाद मौजूदा कीमत के हिसाब से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी ज्यादा इजाफा हो जाएगा… मुंबई में पेट्रोल गुरूवार को 82.48 रुपये में मिल रहा है… ऐसे में अगर इसमें 20 फीसदी का इजाफा हुआ तो मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 98.2 रुपये तक चुकाने पड़ सकते हैं…यानि से कीमत 100 रुपए के पास पहुंच सकती है… वहीं, दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 88 रुपये पर पहुंच सकती है…

दरअसल विश्व बैंक ने अप्रैल महीने की कमोडिटी मार्केट आउटलुक रिपोर्ट जारी की है… इसमें उसने अनुमान लगाया है कि इस साल एनर्जी कमोडिटीज की कीमतों में 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है. एनर्जी कमोडिटी में कच्चा तेल, गैस और कोयला शामिल होता है. अगर विश्व बैंक की रिपोर्ट सही साबित होती है तो, भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है.

आपको बता दें कि भारत करीब 82 फीसदी तेल आयाता करता है. इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले छोटे से लेकर बड़े बदलाव का सीधा असर घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ता है और फिर पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का असर महंगाई पर पड़ता है… भारत में ज्यादतर चीजों की ढुलाई डीजल से चलने वाले वाहनों से होती है… ऐसे में खास कर डीजल के दाम बढ़ने का बड़ा असर महंगाई पर पड़ता है… अब जबकि विश्व बैंक ने भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में चिंतजनक स्तर तक बढ़ोतरी की आशंका जताई है तो देश में महंगाई के एक नए दौर की आहट सुनाई देने लगी है… विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 भारत के लिए भारी पड़ने वाला है…

विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2018 में कच्चे तेल की औसत कीमत 65 डॉलर रह सकती है… फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है… विश्व बैंक के एक्टिंग चीफ इकोनॉमिस्ट शांतयनन देवराजन ने कहा है कि वैश्विक ग्रोथ और मांग बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी होने की आशंका है…

एक तरफ कच्चे तेल की बढ़ी कीमतो की वजह से तेल महंगी हो रही है उस पर सरकारों द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लगाया जाने वाला टैक्स भी महंगाई बढ़ा रही है… सरकार पेट्रोल और डीजल पर कुल मिलाकर 50 फीसदी टैक्स वसूलती है जिसकी वजह से टेल की कीमत बाजार में दोगुनी हो जाती है…पेट्रोल और डीजल फिलहाल जीएसटी से बाहर है… इसलिए इस पर अगल-अगल राज्यों में अलग-अलग टैक्स लगती है… केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क लगाती है जबकि डीजल पर केन्द्र सरकार 15.33 रुपये लीटर उत्पाद शुल्क वसूलती है. राज्यों में वैट की दर अलग अलग है. दिल्ली में पेट्रोल पर 15.84 रुपये प्रति लीटर वैट वसूला जाता है जबकि डीजल पर 9.68 रुपये प्रति लीटर वैट लगता है.

वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक फिलहाल सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने का फैसला नहीं ले सकती है…सरकार का कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था का गणित गड़बड़ा सकता है… अब जबकि सरकार अपना गणित नहीं बिगाड़ना चाहती है तो आप अपने घर के बजट का गणित बिगड़ने की तैयारी कर लीजिए… आप महंगे दिन की तैयारी शुरू कर लीजिए… अगर आप खाने-पीने के शौकीन है तो आपनी शौक पर लगाम लगाएं…अपनी थाली में सब्जियों की संख्या घटा लीजिए… धूमने-फिरने का शौक है तो अपने शौक पर दोबारा विचार कीजिए… क्योंकि जिस तरह से आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने वाली है वो आपके रहन-सहन के स्तर पर बड़ा हमला करने वाली है… तो फिर हो जाइए तैयार अच्छे दिन के बजाय महंगे दिन के लिए ।

एपीएन ब्यूरो

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.