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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं है। लेकिन मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी समेत कई ऐतिहासिक फैसले लेने में अहम भूमिका निभाने वाले जेटली हमेशा याद आते रहेंगे। वित्त मंत्री रहते हुए जेटली ने देश की अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार, कालाधन, नोटबंदी, जीएसटी, डिजिटल लेनदेन, बैंकों का विलय जैसे कई बड़े फैसले लिए थे। आइए जानते हैं, आर्थिक क्षेत्र में उनकी ओर से लिए गए महत्वपूर्ण फैसले।

1.नोटबंदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी का ऐलान रात आठ बजे किया था। एक झटके में कालेधन पर लगाम लगाने के लिए 1000 और 500 रुपये के नोट का चलन रोक दिया था। कहते हैं कि नोटबंदी की रणनीति बनाने में वित्त मंत्री अरुण जेटली की बड़ी भूमिका थी। अरुण जेटली ने नोटबंदी का पुरजोर बचाव करते हुए कहा था कि इससे करदाताओं की संख्या में उछाल आया और भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई।

2.जीएसटी

भारतीय इतिहास में अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) अबतक का सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। पूरे देश में 1 जुलाई 2017 को आधी रात से जीएसटी लागू हो गया था। इस दिन से देश भर में चल रहे 17 टैक्स और 26 सेस खत्म हो गए थे। जीएसटी काउंसिल ने देश भर में पांच स्लैब लगाए थे, जिनके हिसाब से ही लोगों को टैक्स देना शुरू किया था। देश में जीएसटी के रूप में ‘एक देश, एक कर’ देने में अरुण जेटली की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

3.दिवालिया कानून

बैंकों का कर्ज न चुकाने वाले बकाएदारों से निर्धारित समय के अंदर बकाए की वसूली के लिए अरुण जेटली ने दिवालिया कानून (इनसॉल्वेंसी एवं बैंकरप्सी कोड( लेकर आए। लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद 28 मई 2016 को यह बिल लागू हुआ था। इस बिल के लागू होने के बाद बैंकों और अन्य लेनदारों को दिवालिया कंपनियों से वसूली में मदद मिल रही है। इससे बैंकों के फंसे कर्ज (एनपीए) में बड़ी कमी आई है।

4.मुद्रा योजना

केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अप्रैल 2015 में शुरू की थी। इसके तहत लोगों को अपना उद्यम (कारोबार) शुरू करने के लिए छोटी रकम का लोन दिया जाता है। इस योजना को सफल बनाने के लिए वित्त मंत्री रहते हुए अरुण जेटली ने काफी काम किया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश की जनता को स्वरोजगार देना है।

5.बैंकों का एकीकरण

वैसे तो तमाम सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत बनाने की जरूरत बताई लेकिन यह काम जेटली के नेतृत्व में ही शुरू हुआ। बैंकों का एकीकरण बेशक जेटली के महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल है। स्टेट बैंक में उसके 5 असोसिएट बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चाहे देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय, इन फैसलों से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सेहत में सुधार हुआ।

6. NPA की सफाई
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बतौर वित्त मंत्री जेटली ने नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) की बढ़ती समस्या से निपटने में बहुत हद तक कामयाबी हासिल की। उन्हीं की देखरेख में बैंकिंग सेक्टर में NPA की सफाई शुरू हुई। इसका फायदा यह हुआ कि सार्वजनिक क्षेत्र के वे बैंक जो घाटे में चल रहे थे, वे भी धीरे-धीरे प्रॉफिट में आने लगे।

7. मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी का गठन
मौद्रिक नीति बनाने में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से 2016 में मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) का गठन भी जेटली के महत्वपूर्ण आर्थिक फैसलों में शामिल है। आरबीआई गवर्नर की अगुआई वाली यह कमिटी ही अब ब्याज दरों को तय करती है। कमिटी में 6 सदस्य होते हैं जिनमें RBI से 3 और इतने ही सरकार की तरफ से नामित सदस्य होते हैं। साल में MPC की कम से कम 4 बैठकें जरूरी हैं।

8. बजट सुधार
अरुण जेटली के ही नेतृत्व में अहम बजट सुधार हुए। आम बजट में ही रेल बजट के मिलाने, बजट पेश करने की टाइमिंग में बदलाव करते हुए उसे पहले पेश करने (1 फरवरी) जैसे कदम बजट सुधार के लिहाज से काफी अहम हैं।

9. एफडीआई का उदारीकरण
FDI नियमों में ढील के पक्षधर जेटली के प्रयासों से डिफेंस, इंश्योरेंस और एविएशन जैसे सेक्टर भी FDI के लिए खोले गए। FIPB (फॉरन इन्वेंस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड) को भंग किया गया। इन कदमों से FDI में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिला। 2014 में जहां भारत में 24.3 अरब डॉलर की FDI आई थी वहीं आने वाले वर्षों में यह लगातार बढ़ते हुए 2019 में 44.4 अरब डॉलर तक पहुंच गई। इसका श्रेय बहुत हद तक जेटली को जाता है।

10. राजकोषीय घाटे और महंगाई पर नियंत्रण
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में बतौर वित्त मंत्री जेटली के नाम यह भी एक बड़ी उपलब्धि है। 2014 में भारत का राजकोषीय घाटा 5 प्रतिशत था, जो अप्रैल 2019 में घटकर 3.4 प्रतिशत पर आ गया। इसी तरह 2014 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 9.5 था जो अप्रैल 2019 में 2.92 दर्ज किया गया। यह एक शानदार कामयाबी है।

 

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