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देश में पहले से ही अभद्र और घिनौने अपराध बढ़ रहे हैं। बलात्कार, छेड़खानी जैसे क्राइम के आंकड़े आसमान छू रहे हैं। ऐसे में इन अपराधों की सबसे बड़ी वजह पॉर्न वेबसाइट्स बताई जाती है। इसी के मद्देनजर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (आईएसपी) को अश्लील सामग्री दिखाने वाली 827 वेबसाइट्स बंद करने का निर्देश दिया है। अदालत ने हाल ही में अश्लीलता फैला रही 857 वेबसाइटों को बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 827 वेबसाइट्स को ही बंद करने को कहा है। जांच में उन 857 में से 30 पर अश्लील सामग्री नहीं पाई गई है। मंत्रालय ने दूरसंचार विभाग को इन सभी वेबसाइटों पर रोक लगाने के लिए कहा है। मंत्रालय ने सभी वेबसाइटों के नाम की सूची अपने पत्र में दी है।

दूरसंचार विभाग ने वेबसाइटों को बंद करने का आदेश जारी करते हुए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से कहा कि ”माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन और मंत्रालय के निर्देश के अनुसार सभी लाइसेंस प्राप्त इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को चयनित 827 वेबसाइटों को बंद करने की फौरन कार्रवाई का निर्देश दिया जाता है।

बता दें कि देश में अश्लील सामग्री के नाते अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। बलात्कार की घटनाएं भी लगातार बढ़ रहे हैं। उत्तराखंड से ज्यादा घटनाएँ यूपी में है। उत्तराखंड हाईकोर्ट का यह कदम काफी सराहनीय माना जा रहा है। इस फैसले के बाद सरकार भी काफी सख्त है और उसने मंत्रालय और प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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