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कौशांबी में इंसानियत को शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही से एक गर्भवती महिला की जान चली गई और तो और उसके शव को घर तक पहुंचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस चालकों ने पीड़ित परिजनों से 800 रुपए की रिश्वत भी मांग ली। लेकिन पीड़ित के पास पैसे न होने के कारण उसे अपनी पत्नी की लाश को स्ट्रेचर पर रखकर घर ले जाना पड़ा।

बता दें कि मामला कौशांबी के जिला मुख्यालय का है, जहां करादी थाना अंतर्गत अहमदीपुर निवासी महेश की पत्नी(मालती) को कल रात लेबर पेन शुरू होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टरों का गैर जिम्मेदाराना रवैया देखने को मिला। किसी भी डॉक्टर ने मरीज को देखना तक उचित नहीं समझा और सुबह होते ही सीएमएस के डॉक्टरों ने मरीज की हालत नाजुक बताते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर जरुर कर दिया। अस्पताल में कई घंटे तक एंबुलेंस न मिलने पर सीएमएस से मिलने पहुंचे पीड़िता के पति द्वारा बड़ी विनती करने के बाद एक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई लेकिन जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मालती को मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टरों के मुताबिक अगर मालती को थोड़ी देर पहले अस्पताल ले आया जाता तो शायद वह आज जिंदा रहती। जिसके बाद डॉक्टरों के इशारे पर गर्भवती महिला के शव को न सिर्फ लावारिश की तरह छोड़ दिया गया बल्कि एंबुलेंस चालकों ने पीड़ित परिजनों से शव को घर छोड़ने के लिए 800 रुपए की रिश्वत मांग डाली। पत्नी और अपने बच्चे के मौत का पहाड़ जैसा दुख झेल रहे महेश के पास रिश्वत के लिए पैसे नहीं थे, जिसके बाद महेश को पत्नी की लाश को स्ट्रेचर पर रखकर घर ले जाना पड़ा लेकिन मामला मीडिया में आने के बाद जिला अस्पताल द्वारा पीड़ित को शव वाहन मुहैया करवाया गया। चौकाने वाली बात यह है कि यह घटना यूपी के प्रदेश अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह नगर का है।

पीड़ित महेश ने कहा-

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ने कहा,’पत्नी को कल रात ही अस्पताल में भर्ती करवाया गया था लेकिन किसी ने मालती की सुध लेना जरुरी नहीं समझा।‘ और अगले सुबह डॉक्टरों ने लापरवाही दिखाते हुए मालती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने मालती को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद जब हमने शव को ले जाने के लिए वाहन मांगा तो ड्राईवरों ने 800 रुपए रिश्वत मांगा।

डॉक्टर दीपक सेठ का बयान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिला अस्पताल के चीफ मेडिकल सर्जन डॉक्टर दीपक सेठ ने बातों को घुमाते फिराते हुए कहा,’गर्भवती महिला के पति ने मरीज को अस्पताल लाने में देर कर दी थी जिसकी वजह से उसने दम तोड़ दिया था।’ पुलिस मामला बताने पर पति ने इसे स्वभाविक मौत बताया और  शव को ले गया जबकि हमने उन्हे वाहन उपलब्ध कराया था। हालांकि इसके बाद वह अपनी ही बातों में खुद घिरते नजर आते दिखे।

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