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एलपीजी के “गिव इट अप सब्सिडी” के बाद मोदी सरकार अब रेलवे में भी यह स्कीम लागू करमे दा रही है। फरीदाबाद के एक यात्री के सुझाव पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने अगले हफ्ते से इस स्कीम को लागू करने के निर्देश रेलवे बोर्ड को दे दिए हैं।

इस स्कीम के तहत रेल यात्रियों को आरक्षण के वक्त सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग में आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यात्री से पूछा जाएगा कि क्या वह सब्सिडी छोड़ने का इच्छुक है। यह स्कीम केवल उन्हीं लोगों पर लागू होगी तो इसे स्वेच्छा से अपनाना चाहेंगे। जो लोग सब्सिडी नहीं छोड़ना चाहते अथवा जिनकी स्थिति सब्सिडी छोड़ने की नहीं हैं, वे पहले की तरह सरकार से प्राप्त सब्सिडी का उपयोग करते रहेंगे।

इस स्कीम के तहत लम्बी दूरी के ट्रैन के किराये में 43 फ़ीसदी की और लोकल ट्रेनों के किराये में 63 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी होगी। गौरतलब है कि किराये में सब्सिडी देने के कारण रेलवे को हर साल यात्री सेवाओं पर लगभग 3500 करोड़ रुपए का घाटा होता है।

आपको बता दें कि दो साल पहले पीएम मोदी ने एलपीजी की सब्सिडी छोड़ने के विकल्प के तौर पर ‘गिव अप स्कीम’ की  शुरूआत की थी और अब तक करीब सवा करोड़ उपभोक्ता एलपीजी पर सब्सिडी छोड़ चुके हैं। इससे केंद्र को करीब 144 करोड़ रुपए की बचत भी हुई है। रेलवे को उम्मीद है कि एलपीजी की तरह इस स्कीम को भी व्यापक समर्थन मिलेगा।

फरीदाबाद के एक बुजुर्ग यात्री ने दिया है यह सुझाव

इस स्कीम का सुझाव फरीदाबाद के एक बुजुर्ग अवतार कृष्ण खेर के पत्र से मिला। फरीदाबाद के अवतार सिंह खेर ने 18 मई को दिल्ली से जम्मू राजधानी का टिकट लिया था। जब उन्होंने टिकट पर  43 फ़ीसदी सब्सिडी की बात देखी तो उन्हें लगा कि उन्हें रेलवे को ये पैसे वापस कर देने चाहिए।  अवतार सिंह को लगा कि यह लाभ केवल उन लोगों को लेना चाहिए जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं।

फिर अवतार सिंह ने हिसाब लगाया कि उन्हें टिकट पर 950  रुपये की छूट मिली है। उसके बाद उन्होंने रेलमंत्री के नाम एक चिट्ठी लिखी और 950 रुपये के चेक के साथ रेलमंत्री को भेज दी। उन्होंने चिट्ठी में लिखा ‘मैं वरिष्ठ नागरिक का दर्जा देने और उसमें छूट प्रदान करने के लिए सरकार की प्रशंसा करते हैं। परंतु उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि सक्षम लोगों को वित्तीय सहायता नहीं दी जानी चाहिए। मैं और मेरी पत्नी कभी भी रेलवे यात्रा में सब्सिडी का लाभ नहीं लेंगे।’ उन्होंने लिखा ‘उन्हें यह जानकर पीड़ा हुई कि आम यात्री रेलवे पर 43 फीसद बोझ डालता है। जबसे वे घर लौटे हैं, इसे लेकर दुखी हैं।’

आईआरसीटीसी ने बढ़ाई सर्विस चार्ज पर छूट की तारीख

नोटबंदी के बाद आईआरसीटीसी द्वारा सर्विस चार्ज ना लेने की तारीख रेलवे ने फिर से बढ़ा दी है। अब रेल यात्री 30 सितम्बर तक बिना सर्विस चार्ज दिए ऑनलाइन टिकट बुक करवा सकते हैं। गौरतलब है कि आईआरसीटीसी के जरिये रेल टिकट बुक कराने पर 20 से 40 रुपये प्रति टिकट का सेवा शुल्क लगता है। लेकिन नोटबंदी के बाद 23 नवंबर, 2016 से 31 मार्च, 2017 के बीच टिकट बुक कराने पर सेवा शुल्क से छूट दी गयी थी जिसे बाद में बढ़ाकर 30 जून, 2017 तक कर दिया गया। अब इसे फिर से बढ़ाकर 30 सितम्बर तक कर दिया गया है।

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