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अकाली दल ने मध्यप्रदेश के मनोनीत मुख्यमंत्री कमलनाथ के मुद्दे पर आज विधानसभा का वाकआउट किया। अकाली दल के सदस्य बिक्रम सिंह मजीठिया ने सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर बोलते समय कमलनाथ का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों में घसीटने की कोशिश की लेकिन उन्हें संसदीय मंत्री ब्रहम मोहिंद्रा ने बीच में टोका और कहा कि कमलनाथ आठ बार सांसद चुने गये तथा तीन बार केन्द्र में केबिनेट मंत्री रहे हैं। दंगों को लेकर उनके नाम कोई प्राथमिकी तक नहीं है।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तथा पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा द्वारा गुलदस्ता दिये जाने का जिक्र करते हुये कहा कि अकाली नेताओं को उन पर कोई आरोप नहीं लगाना चाहिये ।उनकी बात से अकाली सदस्य संतुष्ट नहीं हुये और आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी करते हुये वाकआउट कर गये। उनके जाने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ का नाम 1984 के दंगों में नहीं घसीटा जाना चाहिये। जहां तक पूर्व केंद्रीय मंत्री के विरुद्ध आरोपों का संबंध है उसमें कानून अपना काम करेगा ।

उन्होंने कहा कि कानून ही किसी व्यक्ति की भूमिका का फ़ैसला कर सकता है और किसी को भी अपने राजनीतिक हितों के लिए 1984 दंगों के संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिये। मुख्यमंत्री ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमल नाथ को गुलदस्ता भेंट करते हुए प्रकाश सिंह बादल ,सुखबीर सिंह बादल और परमिन्दर सिंह ढींडसा की तस्वीर दिखाई।

-साभार, ईएनसी टाईम्स 

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