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2019 लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन और सीट शेयरिंग पर बातचीत को समय की बर्बादी बताते हुए कहा कि वह फिलहाल किसी भी पार्टी से गठबंधन के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय उनका पूरा ध्यान पार्टी को मजबूत करने पर केंद्रित है।

दरअसल, 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन के बावजूद करारी शिकस्त का सामना कर चुकी समाजवादी पार्टी अब फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

अखिलेश ने कहा, ‘2019 का लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है। उत्तर प्रदेश के संदेश पूरे देश में जाएंगे। फिलहाल मैं किसी भी पार्टी से गठबंधन की बात नहीं सोच रहा हूं। गठबंधन और सीटों पर बातचीत समय की बर्बादी है और मैं भ्रम में नहीं रहना चाहता।’

अखिलेश की मानें तो उनके मुताबिक उनकी राजनीति करने का तरीका अलग है और समान विचारधारा वाली पार्टियों से ‘दोस्ती’ में उन्हें परहेज नहीं है।

आपको बता दें सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा और सहयोगी दलों में 403 में 325 सीटें जीतीं जबकि सपा 47 पर सिमट गई। उधर, कांग्रेस को बस सात सीटें मिली थीं।

अखिलेश ने 2017 विधानसभा चुनाव में हार की चर्चा करते हुए कहा कि बीजेपी लोगों को गुमराह करने में कामयाब रही। हमने अपने कार्यकाल में विकास के एजेंडे पर काम किया।

उन्होंने कहा, ‘हमारा वोटबैंक नहीं बल्कि बहुजन समाजवादी पार्टी (बीएसपी) का जनाधार कमजोर हुआ। हमारे कार्यकाल को लोग याद कर रहे हैं और सोच रहे हैं कि उनसे गलती हो गई है।’  अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा सरकार वायदे पूरा करने में अब तक विफल रही है।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि वह 2019 लोकसभा चुनाव के लिए हर एक सीट पर काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा मध्य प्रदेश, झारखंड व छत्तीसगढ़ में भी संगठन मजबूत है। उत्तराखंड व राजस्थान में भी संगठन काम कर रहा है।

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