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केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर सभी देशों को एकजुट होना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यहां के ऐतिहासिक गांधी मैदान में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के दो दिवसीय 28वें शिक्षा-शिक्षक सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर सभी देश एकजुट हो जाना चाहिए। सभी देश एकजुट होंगे तभी आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है। उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान में चीनी दूतावास पर हुए हमले की निंदा की और कहा कि इसकी जितनी भी निंदा की जाये वह कम ही है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत भी आतंकवाद से अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ देश की सुरक्षा में लगे सेना के जवान जो मुहिम चला रहें, उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाये वह कम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब वह मंत्री बने थे , उस समय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पांच जवानों की हत्या पाकिस्तान द्वारा कर दी गई थी राजनाथ सिंह ने कहा कि इस घटना के तत्काल बाद उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों से बात की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान की ओर से 16 बार हमले किये गये हैं। इस पर उन्होंने सेना के अधिकारियों से कहा कि वह क्या कर रहे है। उन्होंने कहा कि 17वीं बार हमला हुआ तो जवाब देंगे।

गृहमंत्री ने बताया कि उन्होंने सेना के अधिकारियों से कहा कि जो देश 16 बार हमला करने के बाद भी सफेद झंडा दिखाने पर हमारी बात नहीं सुन रहा, वैसे देश को 17वीं बार मौका नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने सेना को स्पष्ट रूप से कह दिया कि पहली गोली हमारी तरफ से नहीं चलेगी लेकिन यदि दुश्मन देश से एक भी गोली भारत के सैनिकों पर चली तो सेना की तरफ से चलने वाली गोलियों की गिनती नहीं होनी चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के सैनिक सीमा पर आए दिन नापाक हरकत करते रहते है। आतंकवाद देश ही दुनिया के लिए बड़ी समस्या है। इसलिए, आतंकवाद के खिलाफ लगातार मुहिम चल रही है। वहीं, गृह मंत्री ने शिक्षकों को गैर शिक्षण संस्थान कार्य में न लगाए जाने सहित पेंशन एवं अन्य मांगों के मामले पर कहा, “हम आपसे कोई वादा नहीं करते लेकिन जब आपका कोई प्रतिनिधिमंडल हमसे मिलने के लिए आएगा तो संबंधित विभाग के अधिकारियों और संबंधित मंत्री के साथ बैठककर आपकी मांगों को पूरा कराने का हरसंभव प्रयास करेंगे।”

राजनाथ सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। इसलिए, शिक्षकों को संस्कारी और चरित्रवान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति समाज के निर्माण के लिए होनी चाहिए न कि सत्ता के निर्माण के लिए। शिक्षकों के ऊपर एक बड़ी जिम्मेदारी होती है इसलिए वह अपनी जिम्मेवारी ईमानदारी पूर्वक निभाएं। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल सिंह, संघ की बिहार इकाई के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा, जहानाबाद के सांसद अरुण सिंह, औरंगाबाद के सांसद सुशील सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस मौके पर एक स्मारिका का भी लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में लगभग 25 राज्यों से हजारों की संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

साभार, ईएनसी टाईम्स

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