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पिछले वर्ष दिल्ली के यमुना नदी के किनारे आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के द्वारा विश्व सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन कराया गया था। यह महोत्सव अध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट आफ लिविंग ने आयोजित किया था। यमुना किनारे आयोजित इस विशाल महोत्सव से नदी के डूब क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचा है। एक विशेषज्ञ समिति ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) को दिए गए एक रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल हुए सांस्कृतिक महोत्सव की वजह से यमुना के डूब क्षेत्र में पनपने वाली जैव विविधता वहां से हमेशा के लिए गायब हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान उस जगह को पहुंचा है जहां श्री श्री रविशंकर का विशालकाय स्टेज लगाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि यमुना के क्षेत्र में हुए इस नुकसान को ठीक करने में करीब 13.29 करोड़ रुपये का खर्च आएगा साथ ही 10 साल का वक्त भी लगेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल 11 से 13 मार्च तक हुए इस सांस्कृतिक महोत्सव से पर्यावरण को पहुंचने वाले नुकसान को देखते हुए 4 सदस्यों की एक समिति ने जुर्माने की सिफारिश शुरू से की थी। समिति का कहना था कि इस महोत्सव से यमुना के तटिय क्षेत्र को होने वाले नुकसान की वजह से आर्ट ऑफ लिविंग फांउडेशन को पुनर्वास लागत के तौर पर 100-120 करोड़ रुपये का भुगतान करना चाहिए। हालांकि बाद में इसे घटा कर पांच करोड़ रुपये का अंतरिम पर्यावरण जुर्माना लगाया गया था, जिसे आर्ट ऑफ लिविंग ने काफी जद्दोजहद के बाद दिया था। एनजीटी को मिले इस खास रिपोर्ट के बाद शायद श्री श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन पर जुर्माना बढ़ाया जा सकता है।

आपको बता दें कि पिछले साल तमाम विवादों को छेलने के बाद विश्व सांस्कृतिक महोत्सव आयोजन करने वाले श्री श्री रविशंकर ने अब एक बार फिर इस आयोजन को करने का फैसला लिया है। वर्ष 2018 में श्री श्री भारत के यमुना तट पर नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में इस आयोजन को करने जा रहे है। ऐसे में अब देखना दिलचप्स होगा कि उनके इस आयोजन के बाद ऑस्ट्रेलिया का प्रसिद्ध मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड क्रिकेट खेलने लायक रहता है या नहीं।

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