Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

New Delhi: अयोध्या में रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद वि’वाद पर सुनवाई शुरू हो चुकी है। यह सुनवाई पांच अगस्त से शुरू हुई थी। आज जब सुनवाई शुरू हुई तो राम मंदिर पक्ष के वकील सी एस वैद्यनाथ ने अपनी दलील रखते हुए कहा कि ‘अकबर के शासनकाल में विलियम फिंच और विलियम हॉकिन्स भारत आए थे जिन्होंने भारत का वर्णन करते हुए अयोध्या के बारे में बताया है।’

बता दें कि कल भी वकील वैद्यनाथ अपनी कई दलीलें रखी थीं। इसके पहले निर्मोही अखाड़ा भी अपने तरीके से तरह -तरह के तर्क दे चुका है। आज जब सीएस वैद्यनाथ ने स्कंदपुराण को जन्मभूमि का साक्ष्य बताया तो न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने प्रश्न किया कि आप जिन शब्दों के बारे में बता रहे हैं क्या उनमें कहीं रामजन्भूमि का जिक्र है। इसमें किसी देवता के बारे में जिक्र नहीं किया गया है। जिसके बाद वकील वैद्यनाथ ने कहा कि रामजन्मभूमि अपने आप में ही देवता है।

मंगलवार को वकील राजीव धवन ने कहा था कि रामलला के वकील सिर्फ अदालत के फैसले को पढ़ रहे हैं, कोई तथ्य नहीं दे रहे हैं। जिसके बाद अब उन्होंने पुराणों का जिक्र करना शुरू किया है। इसमें उन्होंने सबसे पहले स्कंदपुराण का जिक्र किया है। उन्होंने कई पुराणों की चर्चा करते हुए कहा कि इतिहास से जुड़ी कई रिपोर्ट्स में इस बात को माना गया है कि वहां पर मस्जिद से पहले मंदिर ही था लेकिन बाहरी लोगों ने मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनवा दी। उन्होंने कहा कि हालांकि, इस बात का सबूत नहीं है कि ये मस्जिद बाबर ने ही बनवाई थी।

गौरतलब है कि अयोध्या मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ कर रही है। इस पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर शामिल हैं।

 

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.