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मां भारती का बहुमुखी प्रतिभा का धनी पुत्र आज पंचतत्व में विलीन हो गया। उनकी  दत्‍तक बेटी नमिता भट्टाचार्य ने उन्‍हें मुखाग्नि दी। राष्‍ट्रीय स्‍मृति स्‍थल पर राजकीय सम्‍मान और बड़े नेताओं व हजारों लोगों की मौजूदगी में वाजपेयी को अंतिम विदाई दी गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई बड़े नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी। यही नहीं सभी नेताओं ने उनके अंतिम यात्रा में भी पूरी भागीदारी निभाई औऱ पैदल ही अंतिम यात्रा की ओर चल पड़े थे। इस अंतिम दर्शन में दूसरे देशों के शासनाध्यक्ष और नेता भी आए थे।‘

पाकिस्तान के कानून मंत्री अली ज़फ़र, अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएला ने भी भारत रत्न वाजपेयी को अंतिम श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मुखाग्नि के समय वाजपेयी जी के परिवार समेत सभी नेताओं की आंखें नम थीं। चाहे वो सत्तारुढ़ पार्टी का नेता हो या विपक्ष का, सभी ने वाजपेयी जी को दिल से विदाई दी। अंतिम विदाई के समय  वहां मौजूद लोगों ने ‘वाजपेयी अमर रहे’ के नारे भी लगाए। बता दें कि वाजपेयी जी के जाने से कई राज्यों में राजकीय शोक का एलान किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि वाजपेयी के पैतृक स्थान बटेश्वर, शिक्षा क्षेत्र कानपुर, प्रथम संसदीय क्षेत्र बलरामपुर और कर्मभूमि लखनऊ में उनकी स्मृतियों को जिंदा रखने के लिए विशिष्ट कार्य किये जाएंगे। साथ ही उनकी अस्थियां हर जिले की पवित्र नदियों में प्रवाहित की जाएंगी।

बता दें कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। वे 93 वर्ष के थे। गुरुवार रात को उनकी पार्थिव देह को उनके घर पर रखा गया था। इसके बाद सुबह बीजेपी मुख्‍यालय से अंतिम यात्रा शुरू हुई. एम्स के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री का निधन गुरुवार को शाम पांच बजकर पांच मिनट पर हुआ।

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