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महिला कैबिनेट मंत्री यौन शोषण का आरोप झेल रहे विदेश विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर कई महिलाओं द्वारा सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाने के बाद गुरुवार को मध्यप्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष ने अकबर का बचाव करते हुए विवादास्पद बयान दिया है। अध्यक्ष लता केलकर ने कहा, ‘मैं महिला पत्रकारों को इनोसेंट नहीं मानती। गलती दोनों ओर से हुई होगी। वो इतनी इनोसेंट नहीं होती कि कोई उनका मिस यूज कर सके।’ इस्तीफे के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, हम इस्तीफा क्यों मांगे, कांग्रेस को इसकी जरूरत महसूस होती है तो वह मांगे। केलकर ने कहा एमजे अकबर एक पत्रकार रहे हैं और जो आरोप लगा रही हैं वह खुद भी पत्रकार हैं। ऐसे में दोनों की गलती है। वहीं MeToo अभियान का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इसने महिलाओं को साहस दिया है जिसकी वजह से वह उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठा पा रही हैं। उन्होंने साथ में यह भी कहा कि क्योंकि उनको ऐसा लग रहा है इसलिए यह उत्पीड़न हो गया, नहीं क्योंकि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं की थी।

अकबर के इस्तीफे को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उनके इस बारे में कुछ भी कहने से ये तय नहीं होगा इसके बारे में खुद अकबर और पार्टी हाई कमान फैसला लेंगे। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि अगर यही इल्ज़ाम कांग्रेस के किसी नेता पर लगे होते तो वह क्या करतीं तो उनका जवाब था कि वह इस्तीफे की मांग करतीं। जब पूछा गया कि अगर मंत्री पर कोई एक्शन लेना हो तब, तो उनका जवाब था कि इस मामले में अकबर पर जो भी इल्ज़ाम लगे हैं उनकी जांच होनी चाहिए। उसके आधार पर जो भी दोषी पाया जाता है उस पर एक्शन लिया जाना चाहिए।

कई प्रमुख अख़बारों के संपादक रह चुके अकबर पर करीब सात महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अकबर पर आरोप लगाने वाली पहली महिला पत्रकार प्रिया रमानी हैं, जिन्होंने ट्वीट करके अकबर पर सेक्सुअल हरैसमेंट का आरोप लगाया है। एक साल पहले एक मैग्ज़ीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने उनके साथ हुई इस अप्रिय घटना के बारे में बताया था, लेकिन तब उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। कई अन्य पत्रकारों ने भी अकबर पर नौकरी देने, इंटरव्यू लेने और काम के बारे में बातचीत करने के लिए होटल के कमरे में बुलाने और गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था। कुछ महिलाओं ने ये भी आरोप लगाया था कि अकबर की बात न मानने पर उन्होंने उनका जीना दुश्वार कर दिया।

बता दें कई विपक्षी पार्टियों कांग्रेस, लेफ्ट, टीडीपी और बीजेपी की पुरानी सहयोगी शिवसेना इस मामले को लेकर अकबर के इस्तीफे की मांग कर चुकी हैं। फिलहाल अकबर नाइजीरिया के दौरे पर हैं और सूत्रों ने ये साफ कर दिया है कि विदेश राज्यमंत्री अकबर अपना दौरा बीच में रोककर वापस नहीं आ रहे। एमजे अकबर ने अभी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया भी नहीं दी है।

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