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बीजेपी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ 2019 में विपक्ष देशव्यापी महागठबंधन बनाने के दावे कर रहा है। यूपी पर सबकी निगाहें टिकी हुईं हैं। यहां सपा-बसपा-आरएलडी और कांग्रेस बीजेपी विरोध के नाव पर सवार हैं। कुछ महीने पहले हुए कैराना उपचुनाव में जीत से इसे बल भी मिला। शामली जिला पंचायत की तत्कालीन सदस्य तबस्सुम हसन ने सपा-बसपा के सहयोग से सहानुभूति लहर को मात देते हुए बीजेपी के दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को मात दी थी। लेकिन अबकी दांव उल्टा पड़ गया है। तबस्सुम हसन की छोड़ी गई कैराना जिला पंचायत वार्ड दस की खाली सीट को बीजेपी समर्थित सकुदा हसन ने अपने नाम कर लिया है। सांसद और उनके विधायक पुत्र नाहिद हसन समर्थक मलीखा हसन की करारी हार हुई है।

मंगलवार को इस सीट पर मतदान की मतगणना हुई तो बीजेपी समर्थित सकुदा हसन ने बाजी मार ली। शामली के कैराना में जिला पंचायत वार्ड दस के रिक्त सदस्य के पद के लिए हुए उपचुनाव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख अय्यूब जंग के भतीजे अकरम की पत्नी सकुदा ने जीत हासिल की। बीजेपी नेता अनिल चौहान समर्थित सकुदा हसन ने 5,509 मत हासिल किये। दूसरे नंबर पर बीजेपी समर्थित प्रत्याशी गुड्डी रहीं। वहीं, कैराना सांसद तबस्सुम हसन और सपा विधायक नाहिद हसन की व्यक्तिगत समर्थित प्रत्याशी मलीखा हसन को तीसरा स्थान मिला।

सांसद तबस्सुम हसन को इससे गहरा सियासी धक्का लगा है क्योंकि इस सीट पर उनके परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर थी। चुनाव में जीत के लिए दिन रात उन्होंने मेहनत की लेकिन बीजेपी की तैयारियों ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। बीजेपी समर्थक ने तबस्सुम हसन की खाली सीट को अपने नाम कर लिया है।

कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में महागठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह को हराया था। इस जीत को सपा-बसपा और आरएलडी नेताओं ने बड़े जोर-शोर से बीजेपी के बुरे दिनों की शुरूआत और महागठबंधन के अच्छे दिनों के आगाज के तौर पर पेश किया था। क्योंकि सहानुभूति की लहर के बावजूद सपा नेता तबस्सुम हसन ने दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की बेटी को हराया था। जबकि यूपी से लेकर केंद्र तक में बीजेपी की सरकार है लेकिन तबस्सुम हसन और सपा विधायक नाहिद हसन के लिये कुछ महीनों बाद ही झटका देने वाली खबर आई है। सांसद बनने के बाद उनकी खाली की गई पंचायत की सीट उनके हाथ से निकल गई है। ये सीट सांसद तबस्सुम हसन उनके बेटे और कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन के लिये प्रतिष्ठा का सवाल बन चुके थे। दोनों ने शामली जिले की वार्ड नंबर 10 की जिला पंचायत सीट पर हुए चुनाव में मलिका हसन को चुनाव लड़ाया था। लेकिन स्थानीय बीजेपी नेता अनिल चौहान के समर्थन से चुनाव लड़ रही सकुदा हसन ने तबस्सुम हसन और नाहिद हसन की समर्थक मलीखा हसन को करारी मात दे दी है। जाहिर है कि अब बीजेपी भी इस जीत को महागठबंधन की हार बताएगी क्योंकि सांसद और विधायक भी मिलकर एक पंचायत सीट तक नहीं बचा सके।

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