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मुजफ्फरपुर में बालिका आश्रय गृह में यौन शोषण को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इस मामले में तेजस्वी यादव शुरू से ही हमलावर हैं। हालांकि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू इसके लिए तैयार थी, लेकिन बीजेपी से अब जिस तरह से नीतीश कुमार को घेरना शुरु किया है, उससे जेडीयू भी सकते में हैं। मुजफ्फरपुर मामले में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जिस तरह बीते हफ्ते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो पत्र लिखे उसके पीछे भी पार्टी पर्दे के पीछे बीजेपी का खेल मान रही है।

राज्पाल ने मुजफ्फरपुर की घटना को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखा है ।लेकिन इस मामले में जिस तरह से बीजेपी नेता सीपी ठाकुर ने समाज क्लायण मंत्री मंजू वर्मा के इस्तीफे कीमांग की है, उसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता सीपी ठाकुर ने कहा है कि सीबीआई जांच तक बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

सीपी ठाकुर के बयान से पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर कांड पर कहा कि जो गड़बड़ करेगा वह अंदर जाएगा। उसको बचाने वाला भी नहीं बचेगा। वह भी अंदर जाएगा।

दरअसल, मंजू वर्मा पर आरोप है कि उनके पति का मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में नियमित आना-जाना था। सीपी ठाकुर के इस बयान को दबाब की राजनीति के रुप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह सब दिल्ली के इशारे पर हो रहा है, क्योंकि इससे पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो पत्र लिख चुके हैं। साथ ही केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा।

जेडीयू के एक नेता के मुताबिक यह हमारे लिए ‘शर्मिंदगी’ की बात है। दूसरी तरफ, राज्यपाल के पत्र के बाद पार्टी में यह चर्चा शुरू हो गई है कि यह सब सिर्फ ‘राज भवन’ का किया धरा नहीं है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक और नीतीश कुमार एक-दूसरे को दशकों से जानते हैं और जनता दल में करीब एक ही समय रहे हैं। जदयू नेता कहते हैं कि, ‘राजभवन को कलम उठाने पर मजबूर करने की पटकथा कहीं और लिखी गई है। इसके पीछे बिहार बीजेपी नहीं है। नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्री सुशील मोदी जैसे नेताओं का सहयोगात्मक रवैया रहा है’। वह कहते हैं कि ‘संभव है कि यह दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय में हुआ हो’।

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