Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले चरण के लिए जारी मतदान के बीच बीजेपी के लिए एक राहत भरी खबर है। विधान परिषद(खंड शिक्षक व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ) की पांच सीटों पर तीन फरवरी को हुए मतदान में भाजपा ने तीन पर जीत हासिल की है। दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। राज्य निर्वाचन आयोग ने परिणामों की जानकारी देते हुए गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक,बरेली-मुरादाबाद स्नातक और कानपुर स्नातक सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के जीतने की घोषणा की है। झांसी और कानपुर शिक्षक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।

गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक क्षेत्र में भाजपा के देवेन्द्र प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) के संजय त्रिपाठी को हराकर यह सीट अपने कब्जे में ली। देवेन्द्र पहले सपा के स्नातक एमएलसी थे। हाल ही में उन्होने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। बरेली मुरादाबाद स्नातक सीट पर भाजपा के डा. जयपाल सिंह ने सपा की रेनू मिश्रा को 25 हजार से पहली वरीयता के 25000 हजार वोटों की बढत लेकर सीट पर कब्जा बरकरार रखा। कानपुर में भाजपा के अरूण पाठक ने निर्दलीय प्रत्याशी मानवेन्द्र सिंह को 9154 वोटों से हराया।

झांसी में शिक्षक एमएलसी सीट के लिए सुरेश कुमार त्रिपाठी ने अशोक कुमार को हराया वहीँ कानपुर में राजबहादुर सिंह ने हेमराज सिंह को 800 वोटों से हराया। कल शुरू हुई यह मतगणना आज सुबह समाप्त हुई। माना जा रहा है। कि इन चुनाव परिणामों को भाजपा अपने लिए शुभ संकेत मान कर चल रही है। हालांकि विधानसभा चुनावों में और स्नातक खंड के लिए चुनावी प्रक्रिया अलग अलग है। स्नातक खंड सीट के लिए केवल ग्रेजुएट मतदाता ही वोट करते हैं। यह वोटर लिस्ट अलग से बनती है जबकि विधानसभा चुनावों में अठारह साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति वोट कर सकता है। विधानसभा के परिणाम तो 11 मार्च को आयेंगे लेकिन स्नातक खंड के परिणामों ने भाजपा को मनोवैज्ञानिक बढ़त और विरोधियों पर हमलावर होने का अवसर दे दिया है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.