Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने आज एक बार फिर इतिहास रच दिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने सोमवार दोपहर 2.43 मिनट पर सफलतापूर्वक चंद्रयान-2 को लॉन्च किया। चांद पर कदम रखने वाला ये भारत का दूसरा सबसे बड़ा मिशन है। ISRO ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से यह लॉन्च किया ।

ISRO की तरफ से कहा गया है कि अभी रॉकेट की गति बिल्कुल सामान्य है। यानी अभी ये यान इसरो की प्लानिंग के हिसाब से ही चल रहा है।

चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर मशहूर कवि कुमार विश्वास ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बधाई दी है,उन्होंने ट्वीट कर लिखा “स्वर्ग के सम्राट को जाकर ख़बर कर दो, रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे है हम..।

वहीं इससे पहले ISRO ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की जानकारी दी थी।

वहीं इसरो ने 15 जुलाई की लॉन्चिंग की तुलना में आज होने वाली लॉन्चिंग में चार महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जो इस प्रकार है।

  1. पृथ्वी के ऑर्बिट में जाने का समय करीब एक मिनट बढ़ा दिया गया है। जहां 15 जुलाई को चंद्रयान-2 को करीब 22 मिनट में पृथ्वी से 181.61 किमी पर जाना था। वहीं अब आज करीब 16.23 मिनट में पृथ्वी से 181.65 किमी की ऊंचाई पर पहुंचेगा।
  2. पृथ्वी के चारों तरफ अंडाकार चक्कर में बदलाव में बदलाव किया गया है। आज चंद्रयान-2 लॉन्चिंग के बाद पृथ्वी के चारों तरफ अंडाकार कक्षा में चक्कर लगाएगा। इसकी पेरिजी (पृथ्वी से कम दूरी) 170 किमी और एपोजी (पृथ्वी से ज्यादा दूरी) 39120 किमी होगी। वहीं अगर यह 15 जुलाई को लॉन्च होता तो इसकी पेरिजी 06 किमी और एपोजी 39059.60 किमी होती। यानी एपोजी में 60.4 किमी का अंतर लाया गया है। यानी पृथ्वी के चारों तरफ लगने वाला चक्कर कम किया जाएगा।
  3. चंद्रयान-2 की चांद पर जाने के समय में की गई 6 दिन की कटौती की गई है। अगर 15 जुलाई को चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक लॉन्च होता तो वह 6 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करता, लेकिन आज की लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान-2 को चांद पर पहुंचने में 48 दिन ही लगेंगे, यानी चंद्रयान-2 चांद पर 6 सितंबर को ही पहुंचेगा। अब चंद्रयान-2 पृथ्वी के चारों तरफ 5 के बजाय 4 चक्कर ही लगाएगा।
  4. चंद्रयान-2 की वेलोसिटी में 12 मीटर प्रति सेकंड का इजाफा किया गया है। चंद्रयान-2 आज लॉन्च होने के बाद अब चांद की ओर ज्यादा तेजी से जाएगा। अब अंतरिक्ष में इसकी गति 10305.78 मीटर प्रति सेकंड होगी। जबकि, 15 जुलाई को लॉन्च होता तो यह 10,304.66 मीटर प्रति सेकंड की गति से चांद की तरफ जाता।

आपको बता दें कि लॉन्च देखने के लिए देशभर से हजारों लोग श्रीहरिकोटा पहुंच रहे हैं। इसरो के अधिकारी के मुताबिक रॉकेट के प्रक्षेपण को देखने के लिए कुल 7,500 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। लोगों के इसरो ने लगभग 10 हजार लोगों की क्षमता वाली एक गैलरी बनाई है।

गौरतलब है कि 2008 में भारत ने चंद्रयान-1 लांच किया था। यह एक ऑर्बिटर अभियान था। ऑर्बिटर ने 10 महीने तक चांद का चक्कर लगाया था। चांद पर पानी का पता लगाने का श्रेय भारत के इसी अभियान को जाता है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.