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किसी भी बयान को कौन किस लहजे में ले लेगा कुछ कहा नहीं जा सकता। कुछ ऐसा ही संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद हो रहा है। दरअसल, मोहन भागवत का सेना और अपने संगठन को लेकर किया गया बयान अब राजनीति पटल पर घमासान मचाने लगा है। कुछ नेता उनके बयान पर सहमति जता रहे हैं और उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते तो कुछ नेता उनके बयान को सेना और तिरंगा का अपमान बता रहे हैं। हालांकि संघ का कहना है कि  भागवत के बयान को संदर्भ से हटकर पेश किया गया है।

नीतीश कुमार ने भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘मैं इसके बारे में क्या कहूं? अगर कोई संगठन यह कहता है कि वह देश की सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए उत्सुक है, तो क्या यह एक विवाद का विषय है? वैसे मुझे इस पूरे बयान के बारे में जानकारी नहीं है।’ बता दें कि बिहार में जदयू-भाजपा की सरकार बनने के बाद RSS प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और उसके विस्तारीकरण का काम तेजी से चल रहा है। बिहार प्रवास पर RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को पटना के शाखा मैदान में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वह लगातार बिहार दौरे पर इसलिए आ रहे हैं ताकि प्रदेश में संगठन मजबूत हो और उसका विस्तार किया जा सके।

वहीं राहुल गांधी का कहना है कि  ‘RSS चीफ का यह बयान हर भारतीय का अपमान है, क्योंकि उन्होंने देश के लिए शहादत देने वालों का अपमान किया है. यह देश के झंडे का भी अपमान है, क्योंकि तिरंगे को सलाम करने वाले सैनिकों का अपमान किया गया है। भागवत को सेना और शहीदों का अपमान करने के लिए शर्म आनी चाहिए।’ उनके साथ ही कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सोमवार को कहा है कि हम कश्मीर में सेना के साथ हैं, सेना की कुर्बानियों को हम सलाम करते हैं। ऐसे में संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान आपत्तिजनक और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख का बयान देश को विचलित करता है, ये तिरंगे और सेना के अपमान करने वाला बयान है।

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