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कांग्रेस 2019 चुनाव में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गई है। कांग्रेस मोदी को रोकने के लिए हर तरह का त्याग करने के लिए तैयार है। पार्टी सूत्रों की मानें तो बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस बसपा सुप्रीमो मायावती या फिर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार कर समर्थन दे सकती है। लेकिन ऐसी स्थिति तब आएगी जब कांग्रेस को उम्मीद से कम सीटें मिलेंगी।

दरअसल, कांग्रेस किसी भी कीमत पर महागठबंधन में बिखराव नहीं चाहती है। वैसे तो कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी के तमाम नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को महागठबंधन का नेतृत्व सौंपने की बात कही थी। जिसके तुरंत बाद जेडीएस का बयान आया कि उसे राहुल गांधी के नेतृत्व से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन बिहार से मंगलवार से विरोध की आवाजें गुंजने लगी।

आरजेडी नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी अकेले पीएम पद की दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल एक साथ बैठेंगे और प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के नाम पर चर्चा कर फैसला करेंगे।

वहीं बुधवार को मायावती ने भी कांग्रेस को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में गठबंधन तभी संभव है, जब उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलेंगी। अगर इस समझौते में सम्मानजनक सीटें नहीं मिलती हैं तो भी उनकी पार्टी अकेले लड़ने को पूरी तरह तैयार है।

गौरतलब है कि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी को 2019 के लिए पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘कांग्रेस का निर्णय सटीक, सपाट और स्पष्ट है। राहुल गांधी हमारा चेहरा हैं। हम उनके नेतृत्व में जनता के बीच जाएंगे। जब हम सबसे बड़ा दल होंगे तो स्वाभाविक रूप से वही चेहरा होंगे। इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं है।’

वहीं यूपीए में कांग्रेस के सहयोगी दल राहुल के नेतृत्व को लेकर हिचक रहे हैं। राहुल गांधी की पीएम पद की दावेदारी पर जेडीएस को छोड़कर कोई दल राजी नहीं दिख रहा है और ममता बनर्जी ने इस पर बोलने से इनकार कर दिया है। जबकि बसपा नेताओं ने पहले ही मायावती को गठबंधन का पीएम चेहरा बनाने का फैसला किया है। राहुल के नाम पर बसपा नेता कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, वो कहते हैं कि इस पर मायावती फैसला करेंगी।

बता दें कि अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव के बाद गठबंधन का नेता तय होगा। ऐसे में कांग्रेस हर मोर्चे पर काम कर रही है और इसी कड़ी में पार्टी ने अब ये संकेत दिया है कि चुनाव के बाद अगर ऐसी कोई स्थिति बनती है तो फिर मायावती या ममता बनर्जी को पीएम बनाने से भी कोई परहेज नहीं है।

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