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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की स्वायत्तता को सुनियोजित तरीके से खत्म करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार का आरोप बहुत गंभीर है और इसकी गहनता से समयबद्ध जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीपसिंह सुरजेवाला ने मंगलवार को यहां विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गोधरा मामले से जुड़े व्यक्ति को जिस तरह से जबरन सीबीआई में दूसरे स्तर का अधिकारी बनाया गया और फिर उस पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं, उससे इस प्रतिष्ठित जांच एजेंसी की साख पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं। इससे साफ हो गया है कि पीएम मोदी चहेते अधिकारियों की नियुक्ति स्वायत्त संस्थाओं में करके उनकी स्वायत्तता को बर्बाद करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने सीबीआई के साथ ही केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आयकर विभाग, केंद्रीय सतर्कता आयोग, राष्ट्रीय जांच एजेंसी जैसे संस्थानों को बंधक बना लिया है। इससे इन संस्थानों में काम करने की निर्भीक क्षमता, निष्ठा, स्वायत्तता, निष्पक्षता सब कुछ संदेह के घेरे में है। जब इन संस्थानों में भ्रष्टाचार हो रहा हो और उनके शीर्ष अधिकारियों पर ही भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लग रहे हैं तो उन संस्थानों से भ्रष्टाचार की जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सीबीआई के विशेष निदेशक के भ्रष्टाचार में फंसने और उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद प्रधानमंत्री ने सीबीआई और खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग(रॉ) के अधिकारियों को अपने घर पर बुलाया। उन्होंने सवाल किया कि इस विवाद के बीच इन अधिकारियों को घर पर बुलाने से क्या यह संदेह नहीं होता है कि मामले में प्रधानमंत्री की तरफ से हस्तक्षेप किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने इन अधिकारियों को अपने पर किसलिए बुलाया था।

                                                                                                      -साभार, ईएनसी टाईम्स

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