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New Delhi: पिछले हफ्ते अमेरिका के सांसद टॉम सुओज़ी ने जम्मू-कश्मीर पर एक विवादित बयान दिया था जिससे भारतीय- अमेरिकी समुदाय के बीच रोष पैदा हो गया। इसके बाद सोमवार को सुओजी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।

उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, यह एक गलती थी कि पत्र लिखने से पहले मैंने कुछ भारतीय-अमेरिकी मित्रों और समर्थकों के साथ चर्चा नहीं की।

9 अगस्त को टॉम सुओजी ने राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा कि वह इस बात से चिंतित हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “कश्मीर में हाल की कार्रवाई ने उन तनावों को पहले से ज्यादा बढ़ाने में योगदान दिया था। वहीं प्रधानमंत्री इमरान खान की हालिया अमेरिका यात्रा यह दर्शाती है कि हम अब आतंकवाद को मिटाने और सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन जम्मू-कश्मीर पर भारत सरकार के हाल ही में लिए गए फैसले से लगता है कि हमें कश्मीर पर भी फोकस करना पड़ेगा।”

सुओज़ी ने पत्र में आगे कहा था, “राज्य की स्वायत्तता और कश्मीरियों के अधिकारों पर ये नए प्रतिबंध चरमपंथियों और आतंकवादियों को कार्रवाई करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।”

टॉम सुओज़ी ने पोम्पिओ को लिखे अपने पत्र में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का भी हवाला दिया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के कार्यों ने बड़े पैमाने पर सामाजिक अशांति को भड़काने का जोखिम उठाया है, क्योंकि कश्मीर के लोग लंबे समय से आत्मनिर्णय के लिए अधिक स्वायत्तता, स्वतंत्रता और अवसर की तलाश कर रहे हैं।

हालांकि उन्हें बाद में महसूस हुआ कि वह अपने बयान को एक अलग तरीके से पेश सकते थे। उन्होंने कहा, “मुझे खेद है। अगर मैं पत्र भेजने से पहले उनसे (अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों से) मिला होता, तो मैं अपनी चिंताओं को अलग तरीके से जाहिर कर पाता। पब्लिक सर्विस में अपने पूरे करियर के दौरान, मैं भारत और उसकी संप्रभुता का एक प्रबल समर्थक रहा हूं। इसके साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी हमेशा उनके साथ खड़ा रहा।

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