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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच दिल्ली में शुक्रवार को शाम करीब 2 घंटे चर्चा हुई। दोनों के बीच मध्यप्रदेश के मंत्रिमंडल गठन को लेकर गहन मंथन हुआ। सीएम कमलनाथ ने 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तब से इसके गठन को लेकर अटकलों और चर्चा का दौर जारी है। मंत्रिमंडल गठन चुनौती इसलिए बना हुआ है क्योंकि इसे मिशन 2019 को ध्यान में रखकर बनाया जाना है। साथ ही इसमें प्रदेश के सभी नेताओं, क्षेत्रों और जाति-वर्गों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाना है।

सूत्रों के अनुसार पता चला है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है। इन दिनों पार्टी में महासचिव संगठन को लेकर सबसे अधिक चर्चा है। मध्यप्रदेश में सीएम की दावेदारी छोडने वाले सांसद ज्योतिरादित्य का इस पद पर मजबूत दावा माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो राहुल उन्हें ये जिम्मेदारी सौंप सकते हैं लेकिन इस पद पर भी उन्हें महासचिव और कर्नाटक के प्रभारी केसी वेणुगोपाल टक्कर दे रहे हैं।

दरअसल वेणुगोपाल बतौर प्रभारी कर्नाटक में बेहतर भूमिका में रहे हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री के चयन की घमासान पर राहुल ने उन्हें पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। इस दौड़ में ओडिशा के प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और महासचिव मुकुल वासनिक भी शामिल हैं। वासनिक अभी भी संगठन से जुड़े कुछ फैसलों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

लोकसभा में कांग्रेस दल के उपनेता कमलनाथ के मध्यप्रदेश जाने के बाद इस पद को भी भरा जाना है। क्योंकि शीतकालीन सत्र को अंतिम सत्र के तौर पर देखा जा रहा है इसलिए हो सकता है ये पद फिलहाल न भरा जाए।

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