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कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल सौदे पर लोकसभा में हुई चर्चा के बाद इस विमान से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब नहीं दिया और संसद में इस मामले में झूठ बोल कर देश को गुमराह किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अक्सर एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं लेकिन जब ‘राजा’ झूठ बोल रहा हो तो उसे छिपाने के लिए हजार झूठ बोलने पड़ेंगे। राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ बोल रहे हैं और उसे छिपाने के लिए अब उनके मंत्रिमंडल के सदस्य जुट गये हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीमती सीतारमण ने पहला झूठ यह बोला है कि एचएएल तथा दसोल्ट कंपनी के बीच समझौता नहीं हुआ है जबकि दोनों कंपनियों के बीच 13 मार्च 2014 को हस्ताक्षर हुए थे। उन्होंने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि देश की रक्षा मंत्री को इस समझौते की जानकारी नहीं हो लेकिन ‘राजा’ के झूठ को छिपाने के लिए रक्षा मंत्री को संसद में इतना बड़ा झूठ बोलना पड़ रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस झूठ को छिपाने के लिए नियमों में भी बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह का झूठ ऑफसेट पार्टनर के बारे में बोला गया है। फ्रांस की रक्षा मंत्री से 2017 को सीतारमण ने विचार विमर्श किया था। उन्होंने फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ सीतारमण के कार्यक्रम संबंधी चार्ट भी पत्रकारों को दिखाया।

खेड़ा ने कहा कि तत्कालीन विदेश सचिव जयशंकर ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा था कि प्रधानमंत्री फ्रांस यात्रा के दौरान राफेल के साथ एचएएल के साथ करार संबंधी मुद्दे पर भी बात करेंगे। उन्होंने यह बात श्री मोदी की फ्रांस यात्रा से 48 घंटे पहले कही थी उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण ही देश में विमानन क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण कंपनी के समक्ष आज संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने एक अंग्रेजी दैनिक में आज छपी खबर का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि एचएएल के पास कर्मचारियों के लिए वेतन देना कठिन हो गया है। खबर के अनुसार कंपनी को कर्मचारियों का वेतन देने के लिए पैसे जुटाने पड़ रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि श्रीमती सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय 526 करोड़ रुपए में जिस विमान की खरीद की बात की गयी थी वह हथियारों से लैस नहीं था। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के प्रस्ताव में हथियारों से लैस राफेल की खरीद के लिए था और इसे नकार कर श्रीमती सीतारमण ने संसद में झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री असत्य बोलते हैं और अब संसद में रक्षा मंत्री के भाषण को सुनकर उन्हें भरोसा हो गया है कि श्रीमती सीतारमण ने झूठ बोलने का अच्छा प्रशिक्षण श्री मोदी से लिया है। वह अच्छी तरह से झूठ को परोसती हैं और एक अच्छी शिक्षित मंत्री संसद में झूठ बोलती हैं।

-साभार, ईएनसी टाईम्स

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