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चुनाव आयोग ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का आज ऐलान कर दिया। छत्तीसगढ में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 12 और 20 नवम्बर को, मध्य प्रदेश और मिजोरम में एक चरण में 28 नवम्बर को तथा राजस्थान और तेलंगाना में एक चरण में 7 दिसम्बर को होंगे। सभी राज्यों में मतों की गिनती 11 दिसम्बर को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने आज संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। इसके साथ ही पांचों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है। उन्होंने कहा कि इन सभी चुनावों में नयी वी वी पैट मशीनों का इस्तेमाल किया जायेगा। ओ पी रावत ने बताया कि छत्तीसगढ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की 18 सीटों के लिए मतदान 12 नवम्बर को तथा बाकी 72 सीटों के लिए मतदान 20 नवम्बर को होगा।

ओ पी रावत ने बताया कि मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटो के लिए मतदान एक ही चरण में 28 नवम्बर को कराया जायेगा। मिजोरम की सभी 50 सीटों के लिए भी एक ही चरण में 28 नवम्बर को ही मत डाले जायेंगे। राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा के लिए वोट 7 दिसम्बर को डाले जायेंगे। तेलंगाना में भी इसी दिन सभी 119 सीटों के लिए मतदान होगा। इन सभी राज्यों में मतगणना 11 दिसम्बर को होगी। तेलंगाना विधानसभा के चुनाव आगामी अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के साथ होने थे लेकिन मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव के मंत्रिमंडल ने गत् 6 सितम्बर को विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया था। इसके मद्देनजर वहां निर्धारित समय से पहले चुनाव कराये जा रहे हैं। 

चुनाव के तारीखों पर सिलसिलेवार नजर:

1.तेलंगाना विधानसभा चुनाव का एलान 12 अक्टूबर के बाद होगा।

  1. राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में आदर्श आचार संहिता लागू
  2. छत्तीसगढ में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 12 और 20 नवम्बर को
  3. मध्य प्रदेश और मिजोरम में विधानसभा चुनाव 28 नवम्बर को
  4. राजस्थान और तेलंगाना विधानसभा चुनाव 7 दिसम्बर को
  5. पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर को

आयोग ने संवाददाता सम्मेलन के समय बदलाव पर दी सफाई

चुनाव आयोग ने इन आरोपों को गलत बताया कि उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राजस्थान में रैली को देखते हुए पांच राज्यों की विधानसभा के चुनाव की तारीखों की घोषणा के लिए शनिवार को बुलाई गयी प्रेस कान्फ्रेंस के समय को बदल दिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने शनिवार को यहाँ इन राज्यों के चुनाव की तारीखों की घोषणा करने से पहले ही  सफाई देते हुए कहा कि  अटकलबाजियों और राजनीतिक बयानबाजी के बारे में उन्हें इतना ही कहना है कि राजनेता और  राजनीतिज्ञ दल हर चीज़ में राजनीति देख लेते हैं, यह उनके स्वभाव में है, इस पर उन्हें कोई टिप्पणी नहीं करनी है।

गौरतलब है कि आयोग ने आज साढ़े 12 रिपीट साढ़े 12 बजे संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था लेकिन कुछ देर के बाद अचानक सूचना दी कि अब प्रेस कांफ्रेंस तीन बजे होगी। इस बीच कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके इस पर आपत्ति की और मीडिया में यह अटकलबाजी शुरू हो गयी कि आयोग ने ओ पी मोदी की एक बजे राजस्थान में होने वाली रैली को देखते हुए प्रेस कांफ्रेंस का समय बदल दिया।

यह कहे जाने पर कि राजस्थान में भाजपा सरकार ने किसानों के लिए कुछ घोषणा की है, तब आयोग ने चुनाव की तारीखों का एलान किया, इस पर आप की क्या प्रतिक्रिया  है, ओ पी  रावत ने कहा कि चुनाव आयोग पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है, वह दो घंटे के लिए क्यों समय बदलेगा। वह किसी दिन भी चुनाव के तारीखों की घोषणा  कर सकता है। अगर किसी को कोई शिकायत हो तो वह आयोग के सामने अपनी शिकायत कर सकता है, आयोग सबको संतुष्ट करता है। आयोग कानून के अनुसार पारदर्शी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए प्रतिबद्ध है। यह अायोग की सर्वोच्च प्राथमिकता  है।

                                          साभार- ईएनसी टाईम्स

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