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उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को विपक्ष के हंगामे पर नाखुशी जाहिर करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चंद लोग विधानसभा को बंधक बनाने का प्रयास कर रहे है जो लोकतंत्र के लिये शुभ संकेत नहीं है। सत्र के दूसरे कार्यदिवस में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेसी विधायकों ने देवरिया बालिका गृह कांड को लेकर जमकर हंगामा किया जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पडी। विपक्षी दलों का यह रवैया 1220 बजे शुरू हुये अनुपूरक बजट पेश करने के दौरान भी जारी रहा हालांकि हंगामे और नारेबाजी के बीच सरकार ने बजट प्रस्तावों को सदन के पटल पर पेश कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिये स्थगित कर दी गयी।

बाद में विधानसभा के केन्द्रीय हाल में पत्रकारों को संबोधित करते हुये श्री योगी ने कहा कि विपक्ष नकारात्मक रवैये के कारण सदन में सार्थक बहस में रोडे अटका रहा है जिसका खामियाजा अन्य सदस्यों और प्रदेश की जनता को भुगतना पड रहा है। जिस कानून व्यवस्था को विपक्ष मुद्दा बना रहा है, उसकी स्थिति पिछले डेढ दशकों के दौरान मौजूदा समय में सबसे बेहतर है जिसके चलते प्रदेश मे निवेश का माहौल बना। इंवेस्टर्स समिट इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। पिछली फरवरी में आयोजित इंवेस्टर्स समिट में 4.68 लाख करोड रूपये के एमओयू साइन किये गये जबकि 29 जुलाई को 60 हजार करोड़ रूपये की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरामनी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में हुई। सरकार जल्द ही 50 हजार करोड़ के निवेश की शुरुआत करने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवरिया बालिका गृह कांड को लेकर सरकार ने बगैर किसी देरी के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हवाले करने का फैसला किया जबकि सबको पता है कि 2009 में इस बालिका गृह को मान्यता दिलाने वाली सरकार कौन थी। पिछले साल सत्ता में आते ही उनकी सरकार ने जून में ऐसे सभी संस्थान बंद करने और अनुदान समाप्त करने का प्रावधान किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल क्राइम ब्यूरो ने भी माना है कि उत्तर प्रदेश में अपराधों की संख्या में कमी आयी है और कानून व्यवस्था की हालत सुधरी है। पिछले डेढ वर्षो में उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाये बढी है। लोक कल्याण योजनाओं को मजबूती मिली है जबकि किसानों के लिये शुरू की गयी योजनाओं के सार्थक परिणाम दिखने शुरू हो गये हैं। उन्होंने कहा कि अपने नकारेपन को छिपाने के लिए विधानसभा में महत्वपूर्ण अनुदान मांगो और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की बजाय विपक्ष ऐसे मुद्दे उठा रहा है, जिनको लेकर सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है। विकास कार्यो के लिये पांच महीने में पेश किये गये बजट का बड़ा हिस्सा खर्च हो चुका है। इसके चलते अनूपूरक बजट रखा गया था। इस अनुदान बजट का इस्तेमाल सडक, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं को पूरा करने के लिये किया जायेगा।

                                       साभार- ईएनसी टाईम्स

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