Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

दिल्ली में सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन के दौरान पूर्वी दिल्ली के बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और आप के विधायक अमानतउुल्ला के विवाद की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एफआईआर में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी दर्ज है।

मामले की जांच पुलिस आयुक्त ने क्राइम ब्रांच को सौंपी है। इस संबंध में जॉइंट पुलिस कमिश्नर रविंद्र यादव ने बताया कि दर्ज एफआईआर के तहत पहला मामला बीएन झा और बीजेपी के अन्य कार्यकर्ताओं की शिकायत पर आप एक्टिविस्ट के खिलाफ किया गया है। दूसरी एफआईआर तौकीर ने बीजेपी एक्टिविस्ट के खिलाफ दर्ज कराई है। इसके अलावा तीसरी एफआईआर सांसद मनोज तिवारी की शिकायत पर आम आदमी पार्टी के विधायक अमानातुल्लाह खान के खिलाफ दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक अमानतुल्लाह के खिलाफ आईपीसी की 6 धाराओं 323 (मारपीट करना), 506 (जान से मारने की धमकी देना), 308 (चोट पहुंचाना), 120B (आपराधिक षड़यंत्र रचना), 341 (रास्ता रोकना) और 34 (कामन इंन्टेशन) के तरह मामले दर्ज किया गया है।

बता दें कि दिल्ली में बीते रविवार 4 नवंबर को सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन हुआ था। उस वक्त भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी पहुंचे थे और स्टेज पर जाने का प्रयास कर रहे थे। तब आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने उन्हें स्टेज पर जाने से रोक लिया था और वे मनोज तिवारी को धक्का देते नजर आ रहे थे। इसी पर मनोज तिवारी ने आरोप लगाया था कि उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई, उनसे बदसलूकी की गई। मनोज तिवारी ने यह भी कहा था कि उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई।

इस प्रकरण में कई वीडियों भी वायरल हुए, जिसमें मनोज तिवारी से धक्का मुक्की, अमानतउुल्ला की अभ्रदता सहित सांसद की डीसीपी से अभ्रदता साफ दिखाई दी। ये वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए। जिसके बाद शनिवार को इस मामले में शिकायतें दी गई, जिस पर पुलिस आयुक्त ने खुद संज्ञान लिया और सभी शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर दी।

वही दर्ज हुई तीन एफआईआर से अलग राजधानी दिल्ली के गृह मंत्री सत्येद्र जैन ने सीपी अमूल्य पटनायक को निर्देश दिए कि सांसद मनोज तिवारी पर एफआईआर की जाए। गृह मंत्री द्वारा सीपी को भेजे गए पत्र के कहा गया सांसद मनोज तिवारी और उनके सहयोगी गैरकानूनी तरीके से एकत्र हुए थे और मुख्यमंत्री एवं मंत्रीपरिषद पर हमला करने और नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जबर्दस्ती मंच तक पहुंच गए और हंगामा किया, व्यवधान डाला और लोकसेवक पर हमला किया।

इसलिए गृह मंत्रालय को सीपी (पुलिस आयुक्त) और संबंधित डीसीपी/थाने में मनोज तिवारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत तत्काल दायर कराने का निर्देश दिया जाता है। लेकिन अभी तक इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.