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पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी और आरएसएस के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं, जिसे 2019 लोकसभा चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां एक ओर मुख़र्जी के राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है। तो वहीं दूसरी ओर भाजपा के खेमे में ख़ुशी का माहौल है। मुख़र्जी और भागवत के भरत मिलाप को देखकर बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व राष्ट्रपति की जमकर प्रशंसा की। साथ ही नागपुर स्थित RSS मुख्यालय में मुखर्जी के राष्ट्रवाद पर संबोधन को देश के समकालीन इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना बताया।

आडवाणी ने कहा, कि उनका मानना है कि मुखर्जी और भागवत ने वैचारिक संबद्धताओं और मतभेदों से आगे बढ़कर संवाद का एक प्रशंसनीय उदाहरण सामने रखा है। दोनों ने भारत की एकता की जरूरत को रेखांकित किया है जो विविधताओं को स्वीकार और सम्मान करती है।

मुखर्जी की तारीफ करते हुए आडवाणी ने कहा, कि पुराने मतभेदों को भुलाकर RSS के न्योते को स्वीकार करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने सद्भावना का परिचय दिया है। इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से सहिष्णुता, सौहार्द और सहयोग की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी जो हमारे साझा सपनों के भारत के निर्माण में सहायक होगा।

बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता स्वीकार करने के बाद देश में बहस छिड़ गई थी। लेकिन उनके संबोधन के बाद कांग्रेसी नेता खुद मुखर्जी के संबोधन की तारीफें कर रहे हैं।

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