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गुजरात विधानसभा चुनाव का एलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने आज  गुजरात चुनाव को लेकर प्रेस क्रांफ्रेंस की है, जहां उन्होंने चुनाव की घोषणा की है। गुजरात विधान सभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहला चरण 9 दिसंबर को होगा और दूसरा चरण का मतदान 14 दिसंबर को होगा। इसके बाद 18 दिसंबर को दोनों चरणों की मतगणना की जाएगी। बता दें कि इसी दिन हिमाचल प्रदेश के चुनाव का नतीजा भी आ रहा है।

चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने आज चुनावी घोषणा के लिए प्रेस क्रांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्य आयुक्त अचल कुमार ने कहा कि, गुजरात में कुल 4.33 करोड़ मतदाता हैं। साथ ही कहा कि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 22 जनवरी को समाप्त हो रहा है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने आज से गुजरात में आचार संहिता लागू कर दिया है।

बता दें कि पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर (89 विधानसभा सीटों के लिए) को कराया जाएगा, वहीं दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर (93 विधानसभा सीटों के लिए) को होगा।

प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव आयोग ने कहा कि गुजरात में चुनाव को लेकर 50 हजार से ज्यादा मतदाता केंद्र बनाया जाएगा। सभी पोलिंग बूथों पर VVPAT मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग ने बताया कि VVPAT मशीन के जरिए वोटिंग की पर्ची भी निकलती है। साथ ही कहा कि 102 पोलिंग बूथों पर केवल महिला पोलिंग स्टॉप की व्यवस्था की जाएगी।

चुनावी रैलियों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि, सभी बड़ी चुनावी रैलियों की रिकॉर्डिंग होगी। गुजराती भाषा में वोटिंग गाइड दिया जाएगा। वोटरों के लिए अलग से हेल्पलाइन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के चुनावी खर्चे पर कहा कि, उम्मीदवारों की खर्च की सीमा 28 लाख होगी। हर उम्मीदवार को अलग से खाता खोलना होगा और उसी खाते से उम्मीदवार चुनाव का खर्चा कर सकता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

चुनावी विज्ञापनों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि, टेलीविजन, सिनेमा और विज्ञापनों पर निगरनी रखी जाएगी। साथ ही रेडियो एफएम चैनलों पर प्रसारित चुनावी विज्ञापनों पर नजर रखी जाएगी। चुनाव आयोग ने कहा कि पेड न्यूज पर भी आयोग की निगरानी होगी।

बता दें कि गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 23 जनवरी को खत्म हो रहा है। इससे पहले जब चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था, तब ये सवाल उठे थे कि गुजरात चुनाव की तारीखें क्यों नहीं बताई गईं। बाद में चुनाव आयोग ने कहा कि गुजरात के कुछ इलाकों में बाढ़ के बाद राहत का काम चल रहा है। इस काम में लगे लोगों की चुनाव में ड्यूटी लगा दी जाएगी तो राहत का काम प्रभावित होगा।

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