Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

New Delhi: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुुड्डा ने कहा कि वह राजनीति में आगे रहेंगे या नहीं, इस पर फैसला होना बाकी है। एक या दो दिन में एक कमेटी का गठन कर दिया जाएगा। कमेटी के गठन के बाद एक मीटिंग भी बुलाई जाएगी। वह वही करेंगे जो कमेटी का फैसला होगा। अगर कमेटी कहेगी कि राजनीति छोड़ दो तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

आपको बता दें कि हुड्डा ने रविवार को रविवार को अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस से बहुत अलग रुख अपनाया और जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाने के केंद्र सरकार के कदम का समर्थन किया। वह राेहतक के मेला ग्राउंड में परिवर्तन महारैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने रास्ते से भटक गई है। हुड्डा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था, “जब सरकार कुछ सही करती है तो मैं उनका समर्थन करता हूं। मेरे कई सहयोगियों ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले का विरोध किया। मेरी पार्टी अपने रास्ते से भटक गई है। यह वह कांग्रेस नहीं है जो यह हुआ करती थी। जब देशभक्ति और आत्मसम्मान की बात आती है, तो मैं किसी के साथ समझौता नहीं करूंगा।

हुड्डा ने कहा कि वह एक देशभक्त परिवार में पैदा हुए थे और राष्ट्रहित के मुद्दों पर कभी समझौता नहीं किया। उनके बेटे और पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने अनुच्छेद 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र के फैसले का समर्थन किया है।

हरियाणा में कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी है। 1966 में प्रदेश बनने के बाद पहले मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा कांग्रेस से ही थे। इसके बाद विशाल हरियाणा पार्टी के राव विरेंद्र सिंह सीएम बने लेकिन उनका कार्यकाल लंबा नहीं चला। इसके बाद बंसीलाल, भजनलान फिर हुड्डा ने लंबी पारी खेली। राज्य में गैर कांग्रेसी सरकारों की बात करें तो ओपी चौटाला और अब मनोहर लाल की सरकार ही कार्यकाल पूरा कर सकी।

कश्मीर के हालात पर झूठे दावों को लेकर शेहला राशिद की बढ़ी मुश्किलें, SC में गिरफ्तारी की मांग

हरियाणा रैली में राजनाथ सिंह बोले – पाकिस्‍तान से अब सिर्फ POK पर बात होगी

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.