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विदेशों में रहना और घूमना भी बड़े हिम्मत की बात होती है। एक तो अनजान शहर औऱ दूसरा उससे भी अनजान लोग। अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जैसे कई ऐसे देश हैं जहां भारतीयों को प्रताड़ित किया जाता है। कई केस पहले ऐसे घटित हो भी चुके हैं। इस बार भी एक भारतीय की मौत विदेश में हो गई, वो भी सिर्फ इस वजह से क्योंकि उसको लूटने वाले का वो विरोध कर रहे थे। हैदाराबाद के वरिष्ठ अधिकारी शशांक गोयल के बेटे शुभम गोयल की तुर्की के इस्तांबुल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने लूट के प्रयास के बाद उसे गोली मार दी। शुभम का शव रविवार को भारत लाया गया।

शुभम् अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने के लिए इस्तांबुल गया हुआ था। शुभम और उसका दोस्त सुधांशु जो कि नोएडा का रहने वाला है, का सामना इस्तांबुल में हथियारबंद बदमाशों के एक गैंग से हुआ जो कि उनसे पैसे की मांग कर रहे थे। इस दौरान सुधांशु ने अपने सारे पैसे बदमाशों को दे दिए, लेकिन शुभम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने शुभम पर चाकू और हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शुभम का शव रविवार को भारत लाया गया। उसका अंतिम संस्कार शशांक के पैतृक निवास उत्तराखंड में किया गया।

शशांक गोयल 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह तेलंगाना सरकार के श्रम विभाग में प्रमुख सचिव हैं। 24 मई को उन्होंने बेटे की हत्या की खबर लगी।

शशांक गोयल का परिवार उत्तराखंड के रुड़की में रहता है। भारत में शव आने के बाद वह अपने 24 वर्षीय बेटे का शव लेकर उत्तराखंड पहुंचे। शुभम जो अमेरिका के कैलिफॉर्निया में रहता था और अमेरिकी फेडरल बैंक में बतौर डिप्टी मैनेजर कार्यरत था, हाल ही में पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए भारत आया था।

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