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कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में पाकिस्तान को करारी हार और भारत को बड़ी जीत मिली है। आईसीजे ने कुलभूषण जाधव के पक्ष में फैसला देते हुए फांसी पर रोक लगा दी है और पाकिस्तान को कुलभूषण की सजा पर पुनर्विचार करने को कहा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान ने वियना कन्वेंशन का भी उल्लंघन किया है। इंटरनेशल कोर्ट ने 15-1 से भारत के पक्ष में फैसला आया। इसके साथ-साथ भारत को कंसुलर ऐक्सेस देने का आदेश दिया गया है।

आईसीजे के इस फैसले के बाद देश में चारों ओर जश्न का माहौल है। खुशी के इस मौके पर मुंबई में जाधव के दोस्तों ने भी जमकर जश्न मनाया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम फैसले का स्वागत करते हैं। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भी कहा कि मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं और ये भारत की बड़ी जीत है।

सुषमा ने ट्वीट करते हुए कहा, ”मैं कुलभूषण जाधव के मामले में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले का तहे दिल से स्वागत करती हूं। यह भारत के लिए बहुत बड़ी जीत है।” उन्होंने आगे कहा कि ”मैं अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के समक्ष जाधव के मामले को ले जाने की हमारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूं।”

बता दें पाकिस्तानी मिलिट्री कोर्ट द्वारा 10 अप्रैल 2017 को कुलभूषण जाधव को सज़ा-ए-मौत सुनाए जाने के बाद भारत ने 8 मई 2017 को आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने भारत की अंतिरम राहत अपील के हक में फैसला देते हुए पाकिस्तान को इस मामले में आईसीजे का निर्णय आने तक अदालत कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगाने का आदेश दिया था।

इसके बाद बीते दोन सालों में भारत और पाकिस्तान को पहले लिखित और फिर मौखिक रूप से अपना-अपना पक्ष रखने का मौका दिया। मामले पर अंतिम सुनवाई फरवरी 2019 में हुई थी जब दोनों देशों के वकीलों ने दलीलें रखी थी। भारत का पक्ष पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने रखा था। पाकिस्तान की तरफ से चौधरी खावर कुरैशी अदालत के सामने पेश हुए थे।

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