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देश में मोबाइल फोन के चोरी होने की घटनाएं काफी तेजी से बढ़ी है। इन घटनाओं को रोकने के लिए अब दूरसंचार विभाग ने IMEI नंबरों का एक डेटाबेस तैयार किया है। दूरसंचार विभाग ने चोरी हुए मोबाइल का पता लगाने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) तैयार किया है। इसमें देश के हर नागरिक के मोबाइल का मॉडल, सिम नंबर और IMEI नंबर की जानकारी फिड होगी।

इसकी मदद से चोर के हाथ में मोबाइल जाने पर उसे बंद किया जा सकेगा। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन खो गए हैं या चोरी हो गए हैं, वो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एक हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से दूरसंचार विभाग (DoT) को सूचित कर सकते हैं। दूरसंचार विभाग इसके माध्यम से IMEI (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर को ब्लैकलिस्ट कर सकता है।

इसके अलावा वो मोबाइल को भी ब्लॉक कर देगा, ताकि भविष्य में किसी दूसरे सेल्यूलर नेटकर्व का एक्सेस न हो सके। भारत में सीइआइआर का उद्देश्य विशेष रूप से IMEI आधारित गैर कानूनी गतिविधियों को रोकना है। बता दें दूरसंचार विभाग ने जुलाई 2017 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस परियोजना का महाराष्ट्र में संचालन किया था।

भारत में एमआइएन ( Mobile Identification Numbers) का डेटाबेस तैयार करने की योजना की कल्पना सबसे पहले साल 2012 में की गई थी। 2019-20 के अंतरिम बजट में सरकार ने सीईआरआई परियोजना के लिए दूरसंचार विभाग को 15 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

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