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हम दुनिया के पीछे और दुनिया भारत के पीछे… हालांकि यह डायलॉग बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान की फिल्म किक से मिलता-जुलता है लेकिन कहीं ना कहीं यह भारत के अनोखे टैलेंट से मेल भी खाता है। वैसे तो भारत इस वक्त दुनिया के विकासशील देशों में शामिल है लेकिन दुनियाभर में भारतीय मूल के कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने विश्व में अपना लोहा मनवाया है। फिर चाहे वो गूगल के सीईओ हो या फिर मास्टर कार्ड के या फिर 6 महीने तक अंतरिक्ष में रहकर आने वाली पहली महिला वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स हो। इन सभी ने भारत का नाम दुनियाभर में रोशन किया है। इस लिस्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है, वो है इंग्लैंड में रहने वाली भारतीय मूल की बेटी राजगौरी का।

इस बात को जानकर पहले पल तो आप चौंक जाएंगे लेकिन अगले ही पल आपको गर्व महसूस होगा। भारतीय मूल की बारह साल की राजगौरी का दिमाग वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग से भी तेज है। इंग्लैंड में रहने वाली राजगौरी पवार का दिमाग और आईक्यू क्षमता आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग से भी तेज पाया गया है।

राजगौरी पवार पिछले महीने मैनचेस्टर में ब्रिटिशर मेन्सा आईक्यू टेस्ट में शामिल हुई थी। इस टेस्ट में उन्होंने कुल 162 अंक हासिल किया जो 18 साल के उम्र के बच्चों के लिए सर्वाधिक है। आपको बता दें कि महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और हॉकिंग ने भी आईक्यू टेस्ट में 160 अंक ही हासिल कर पाए थे। लिहाजा बुद्धिमत्ता के आकलन की इस परीक्षा में शामिल राजगौरी ने 162 अंक हासिल करके आइंस्टीन और हॉकिंग के आईक्यू को भी पीछे छोड़ दिया।

अब राजगौरी को प्रतिष्ठित सोसायटी ‘मेन्सा आईक्यू’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।  मेन्सा ने कहा कि भारतीय मूल की यह लड़की विलक्षण बुद्धिमत्ता की है क्योंकि विश्व भर में 20,000 लोग ही इतना अधिक स्कोर पाने में सफल रहे। राजगौरी के पिता सूरज कुमार पवार ने कहा, ‘यह उसके शिक्षकों के प्रयासों के बिना संभव नहीं होता। मेरी बेटी को स्कूल से भी पूरा सहयोग मिला है।’

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