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मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया जाना भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि मसूद अजहर का नाम संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में जुड़ गया है।

अज़हर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया जाना भारत सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत है क्योंकि भारत काफी लंबे समय से खासकर कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से इसके लिए जोर दे रहा है। इस बीच चीन लगातार अपनी वीटो का इस्तेमाल कर रोड़ा अटका रहा था।

UN में भारत के राजदूत सैयद अकबरूद्दीन ने ट्वीट कर कहा कि इस फैसले में छोटे, बड़े सभी साथ आए और मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में आतंकवादी घोषित किया गया।

गौरतलब है कि मसूद के आतंकी संगठन ने ही पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। क्या चीन ने अपना स्टैंड वापस ले लिया, यह पूछे जाने पर अकबरूद्दीन ने कहा, ‘हां, डन।’

इससे पहले भी अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की पिछले 10 साल में चार बार कोशिश हो चुकी थी। सबसे पहले 2009 में भारत ने प्रस्ताव रखा था। फिर 2016 में भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा। इन्हीं देशों के समर्थन के साथ भारत ने 2017 में तीसरी बार यह प्रस्ताव रखा। इन सभी मौकों पर चीन ने वीटो का इस्तेमाल कर ऐसा होने से रोक दिया था। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से जैश सरगना अजहर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर चीन ने मार्च में भी वीटो लगा दिया था।

फ्रांस सरकार ने मसूद को UNSC 1267 प्रतिबंध समिति के द्वारा आतंकवादी घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। एक बयान में फ्रांस ने कहा, ‘फ्रेंच कूटनीति लगातार अजहर को प्रतिबंधित करने के प्रयास कर रही थी खासतौर से फरवरी में पुलवामा हमले के बाद। फ्रांस ने 15 मार्च को मसूद अजहर के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिबंध लगाया था।’

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