Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

उत्तराखंड में भारत और अमेरिका की फौज संयुक्त अभ्यास करेंगी। दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच पहली बार हुए टू प्लस टू वार्ता का इसे परिणाम माना जा रहा है।.अल्मोड़ा जिले में दोनों सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगी। इससे भारतीय फौज को काफी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।.क्योंकि अमेरिकी सेना तकनीकी रूप से दुनिया में अव्वल मानी जाती है। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते नजदीकी संबंधों का असर अब सैनिकों के आपसी संबंधों में भी नजर आने लगा है। यूं तो दोनों ही सेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास होते रहे हैं। लेकिन दोनों देशों के बीच टू प्लस टू वार्ता के बाद पहली बार दोनों देशों की सेनाएं एक साथ युद्धाभ्यास करेंगी। आपको बता दें कि दिल्ली में दोनों ही देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच सीधी बातचीत हुई है। इस तरह की ये पहली वार्ता थी।.जिसे टू प्लस टू नाम दिया गया था।.इस वार्ता के बाद प्रदेश के अल्मोड़ा जिले में दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगी।

16 से 29 सितंबर तक यानी तकरीबन दो हफ्ते का युद्धाभ्यास अल्मोड़ा जिले के चौबटिया में आयोजित होगा। इस साल के युद्धाभ्यास को अपग्रेड कर बटालियन स्तर की फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज यानी एफटीएक्स और एक डिविजन स्तर की कमांड पोस्ट एक्ससाइज यानी सीपीएक्स कर दिया गया है। चौबटिया में संयुक्त युद्धाभ्यास आयोजित करने का मकसद भविष्य में काउंटर इंसर्जेंसी के अलावा आपदा में एक साथ काम करने के लिए दोनों सेनाओं को तैयार करना भी है। बताया जा रहा है कि इस साल करीब 400 भारतीय और 400 अमेरिकी सैनिक इस युद्धाभ्यास में शामिल होंगे। 15 गढ़वाल राइफल्स के जवान इस अभ्यास का हिस्सा बनेंगे।।आपको बता दें कि पिछले साल दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास अमेरिका के लुईस मैकॉर्ड ज्वाइंट बेस पर हुआ था।

आपको ये भी बता दें कि गुरुवार को 2+2 वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि आज भारत की डिफेंस फोर्सेज अमेरिका के साथ मिलकर व्यापक प्रशिक्षण और संयुक्त युद्धाभ्यास करती हैं। इस सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए हमने पहली बार तीनों सेनाओं को शामिल करते हुए 2019 में पूर्वी भारत के तट पर अमेरिका के साथ संयुक्त अभ्यास करने का फैसला किया है।

-एपीएन ब्यूरो

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.