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देश में मासूम बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार की वारदातें बढ़ती जा रही हैं जिससे यहीं लगता है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है। लेकिन इस बीच मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसी सुखद खबर सामने आई है जिसके बाद शायद एक बार फिर कानून के डंडे का खौफ अपराधियों में जाग्रत हो जाए। इंदौर में 4 माह की मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में न्यायपालिका ने महज 23 दिन में कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। मामला 20 अप्रैल है, जब इंदौर के राजबाड़ा क्षेत्र में 25 वर्षीय आरोपी नवीन मां के पास सो रही चार माह की बच्ची को उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करके हत्या कर दी।

जज ने 7 दिन तक लगातार सात-सात घंटे इस केस को अच्छे से सुना और घटना के 21वें दिन सुनवाई पूरी होने के बाद 23वें दिन शनिवार को फैसला सुनाया। 51 पेज के फैसले में जज ने लिखा, कि आरोपी ने तीन महीने 4 दिन की अबोध बालिका के साथ बलात्कार के बाद जिस विभत्सता और निर्ममतापूर्वक उसकी हत्या कर दी, यह एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज के खिलाफ अपराध है। जिस तरह चिकित्सक द्वारा किसी रोगी के शरीर के गैंगरीन प्रभावित हिस्से को ऑपरेशन के जरिये अलग कर दिया जाता है, उसी तरह ऐसे अपराधी से समाज को बचाने के लिये उसे समाज से बिल्कुल अलग करना आवश्यक है। ऐसा व्यक्ति समाज के लिये घातक है।

अपर सत्र न्यायाधीश वर्षा शर्मा ने मामले को ​विरल से भी विरलतम प्रकरण की श्रेणी में रखते हुए आरोपी नवीन गाड़के को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मुजरिम पेशे से मजदूर है।

वहीं अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के हवाले से बताया, अपहरण के बाद गाड़के सोती बच्ची को अपने कंधे पर डालकर निकला ताकि लोगों को शक ना हो। फिर वह उसे करीब 50 मीटर दूर स्थित वाणिज्यिक इमारत के तलघर में ले गया। जहां बलात्कार के बाद गाड़के ने बच्ची का मुंह दबाने के साथ जमीन पर जोर से पटक कर उसे जान से मार डाला था। बच्ची की लाश 20 अप्रैल की दोपहर बरामद की गयी थी।

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