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NEW DELHI: ईद का ये त्योहार इराक की दो नन्हीं बच्चियों के लिए नया जीवन लेकर आया है। जी हां दिल्ली के डॉक्टरों ने इराक के युद्ध प्रभावित क्षेत्र की दो बच्चियों को नई जिंदगी दी है। इन बच्चियों को दिल की बिमारी थी। जिसे congenital heart disease कहते हैं, यानी जन्मजात हृदय विकार।

गंगाराम हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने स्टैश आजाद खलील नाम की दो साल की बच्ची की ऑपरेशन कर जान बचाई। अभी सर्जरी पूरी नहीं हो पाई है। चार साल बाद उसकी दूसरी सर्जरी की जाएगी। स्टैश ईद मनाने इराक रवाना हो चुकी है। वहीं सात वर्षीय नवीन यासीन को फिलहाल दवाओं से इलाज किया गया है। जब वो और बड़ी हो जाएगी तब उसकी भी सर्जरी होगी।

डॉक्टरों के अनुसार इराक के युद्धग्रस्त क्षेत्र में मेडिकल सुविधा की कमी के कारण दोनों बच्चियों की इलाज ठीक से नहीं हो पा रहा था। दिल्ली की दीया इंडिया फाउंडेशन नामक एनजीओ की मदद से दोनों को गंगाराम अस्पताल में लाया गया। इससे उनकी जिंदगी बच सकी।

गंगाराम अस्पताल के पीडिएकट्रिक कार्डिएक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. राजा जोशी के नेतृत्व में दोनों बच्चियों का इलाज हुआ। जांच में पाया गया कि दो वर्षीय स्टैश दिल की गंभीर बीमाी है। उसके दिल का आधा हिस्सा था ही नहीं।डॉ. जोशी ने कहा कि उसके दिल में दायां वेंट्रिकल नहीं है। इससे दिल में गंदा व साफ खून एक ही जगह पर पहुंच रहा था। खून में ऑक्सिजन पूरी तरह से नहीं पहुंचा पा रही थी। बच्ची का शरीर नीला पड़ता जा रहा था। अगर इलाज में और देरी होती तो बच्ची की जिंदगी के लिए खतरा भी हो सकता था। सर्जरी के बाद बच्ची ठीक हैं और खतरे से बाहर है।

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