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शिक्षा क्षेत्र में अपनी अलग सी पहचान बनाने वाले देश के दो बड़े विश्वविद्यालय जेएनयू और बीएचयू में एक उलटफेर हुआ है। दरअसल, बीएचयू को अपना नया कुलपति मिल गया है। खास बात ये है कि जेएनयू के प्रोफेसर राकेश भटनागर को कुलपति पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रोफेसर राकेश भटनागर को राष्ट्रपति (विश्वविद्यालय के विजिटर) की ओर से नए कुलपति के रूप में प्रो. भटनागर की तैनाती को हरी झंडी दे दी गई है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता की ओर से शुक्रवार की देर रात नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर पुष्टि की गई। इस संबंध में बीएचयू को ई-मेल प्राप्त हो गया है। बता दें कि जेएनयू में डॉ भटनागर मॉलिक्यूलर बायोलॉजी के प्रोफेसर हैं।

इस पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रो.भटनागर ने कहा कि मैं एक शिक्षक हूं और बीएचयू में शिक्षा का स्तर ऊंचा हो, यही मेरी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेरी प्रतिबद्धता है कि विश्वविद्यालय में अच्छे शिक्षक आएं, अच्छे छात्र आएं, गुणवत्तापरक शोधकार्य हों और एक अच्छा शैक्षणिक माहौल विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आज बीएचयू जिस स्तर पर है, अच्छा है। लेकिन, मैं चाहता हूँ उससे भी ऊपर जाए। मैं उत्तर प्रदेश से हूं तो इस विश्वविद्यालय की अच्छी जानकारी है।

बता दें कि उनसे पहले बीएचयू के कुलपति प्रो.गिरीश चंद्र त्रिपाठी थे। वो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आए थे।

अर्थशास्त्री प्रो त्रिपाठी की नियुक्ति नवंबर 2014 में एचआरडी मंत्रालय ने की थी। प्रो त्रिपाठी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। कुलपति बनने के बाद से ही उन पर आरएसएस की विचारधारा को बीएचयू में थोपने का आरोप लगता रहा है। वहीं प्रो.भटनागर सहारनपुर से हैं। 1997 से वह जेएनयू में प्राध्यापक हैं।

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