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आम्रपाली बिल्डर्स के खरीदारों को गुरुवार (2 अगस्त) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी यानी एनबीसीसी से कहा है कि वह आम्रपाली के सभी अधूरी परियोजनाओं को पूरा करे। इस मामले में शहरी विकास सचिव ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने  शहरी विकास सचिव को फटकार लगाई और कहा कि उनकी कार्रवाई अदालत की अवमानना के दायरे में आती है।

आम्रपाली बिल्डर की योजनाओं में पैसा लगा कर आशियाने का सपना देखने वाले खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत पहुंचाई है। अब नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी यानी एनबीसीसी आम्रपाली की अधूरी योजनाओं को पूरा करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को यह निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने NBCC से कहा कि वह 30 दिनों में सभी प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी, समय और खर्च सीमा के साथ प्रस्ताव कोर्ट को दे। कोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को भी सभी संबंधित दस्तावेज भी NBCC को सौंपने को कहा है।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को फटकार लगाई। शहरी विकास सचिव ने कोर्ट को बताया कि यूपी सरकार ने उन्हें कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि आम्रपाली के प्रोजेक्ट टेकओवर करने के लिए हुई मीटिंग में खरीदारों का प्रतिनिधित्व किसने किया? कोर्ट ने कहा कि आपने और NBCC के चेयरमैन ने कोर्ट की कार्रवाई में बाधा डाली है और यह अदालत की अवमानना के दायरे में आता है। क्या आपको सुप्रीम कोर्ट के पहले आदेश की जानकारी नहीं थी? आपने आम्रपाली से रिकॉर्ड तलब क्यों नही किया? इस पर सचिव ने कहा कि उन्हें कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं थी। उनका मकसद सहायता करना था। सचिव ने कोर्ट से माफी भी मांगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के ऑडिटर को समूह की सभी कंपनियों के सभी खातों को ऑडिट करने का निर्देश भी दिया। साथ ही कोर्ट ने ऑडिटर से दूसरे कामों में लगाए गये खरीददारों के 2675 करोड़ रुपये पर भी रिपोर्ट मांगी है।

सुप्रीम कोर्ट में खरीदारों ओर से पेश वकील ने बताया कि उनकी ओर से कोर्ट में 16 में से 9 प्रोजेक्टों के बारे में रिपोर्ट पेश की गई। कोर्ट को बताया गया कि इनमें से 5 प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें लोग रह रहे हैं लेकिन कुछ न कुछ एनओसी की कमियों की वजह से उन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है. किसी में फायर का एनओसी नहीं है तो किसी में लिफ्ट की कमी है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ही आम्रपाली ग्रुप के सभी खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंपनी के सभी निदेशकों के बैंक खातों को भी फ्रीज करने को कहा था।

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