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अदालत की अवमानना मामले में फरार चल रहे जस्टिस कर्णन को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार कर लिया गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 मई को 6 महीने कैद की सजा मिलने के बाद से ही 62 वर्षीय जस्टिस कर्णन फरार चल रहे थे।

सजा सुनाने के बाद कोर्ट ने  कर्णन की गिरफ्तारी के ऑर्डर दिए थे। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट से ऑर्डर रद्द करने और राहत की गुहार लगाई थी पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे ख़ारिज कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने जब उन्हें सजा सुनाई थी, उस वक्त कर्णन चेपक (चेन्नई) के स्टेट गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। आदेश सामने आते ही जब 11 मई को बंगाल पुलिस की टीम जस्टिस कर्णन को गिरफ्तार करने के लिए चेन्नई स्थित उनके घर पहुंची थी तब वह अचानक से गायब हो गए।  पुलिस ने उनके बेटे और अन्य पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ की पर पुलिस को उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिल रहा था। आख़िरकार 42 दिन बाद उनकी गिरफ्तारी हुई जब पश्चिम बंगाल के सीआईडी विभाग ने उन्हें कोयंबटूर से गिरफ्तार किया।

बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी पद पर बैठे हाई कोर्ट जज को सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि के मामले में जेल की सजा दी। जस्टिस कर्णन इसी महीने 12 जून को अपने पद से रिटायर भी हुए थे।

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