Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में काफी समय से चल रहे विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को पद से हटाकर छुट्टी पर भेजने का केंद्र का फैसला निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि आलोक कुमार वर्मा को पद से नहीं हटाया जाना चाहिए था। आलोक वर्मा सीबीआई के डायरेक्टर बने रहेंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आलोक वर्मा जांच पूरी होने तक कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकते हैं।

उच्च स्तरीय सेलेक्ट कमेटी करेगी वर्मा पर फैसला
अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को कानून के तहत सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का कोई अधिकार नहीं है। सिर्फ सेलेक्ट कमेटी के पास ही ये अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई पावर सेलेक्ट कमेटी में प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में नेता विपक्ष होंगे। कोर्ट ने ये भी कहा कि ये कमेटी एक हफ्ते के भीतर वर्मा पर कार्रवाई पर फैसला ले। इस दौरान आलोक वर्मा कोई भी नीतिगत फैसला नहीं लेंगे। कोर्ट ने ये भी कहा कि आगे से ऐसे बड़े मामलों में उच्च स्तरीय कमेटी ही फैसला करेगी।

एक सप्ताह तक नीतिगत फैसला नहीं लेंगे वर्मा
इस मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि कोर्ट ने सरकार और सीवीसी के फैसले को पलटते हुए सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को पद पर बहाल करने का फैसला सुनाया है। साथ ही प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और सीजेआई वाली उच्च स्तरीय कमेटी के पास ये मामला भेजने को कहा है। ये कमेटी एक सप्ताह के भीतर इस पर फैसला लेगी। प्रशांत भूषण ने इसे वर्मा की अधूरी जीत बताते हुए कहा कि इस दौरान वर्मा कोई भी नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे।

राफेल घोटाले की जांच रोकने के लिए सरकार ने आलोक वर्मा को हटाया : केजरीवाल
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर विपक्षी पार्टियां भी केंद्र सरकार की आलोचना कर रही हैं। आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि राफेल मामले पर जारी विवाद को रोकने के लिए आलोक वर्मा को गलत तरीके से हटाया गया था। उन्होंने मोदी सरकार पर सभी लोकतांत्रिक संस्थानों की स्वायत्तता को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस फैसले पर बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एक बार फिर पहले प्रधानमंत्री हो गए हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के सामने सीबीआई को नुकसान पहुंचाने के मामले में एक्सपोज होना पड़ा। सुरजेवाला ने ट्वीट किया है, ‘मोदी पहले पीएम बन गए हैं जिनके गैरकानूनी आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। उन्होंने एक दूसरे ट्वीट में कहा, ‘मोदी जी कृपया याद रखें कि सरकारें आती और जाती हैं। संस्थानों की स्वायत्तता स्थिर रहती है। इसे एक सबक की तरह याद रखें।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने भी इस मामले में ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले भी आलोक वर्मा के पास सीबीआई निदेशक की शक्तियां नहीं हैं और फैसला आने के बाद भी उनके पास सीबीआई निदेशक की ताकतें नहीं हैं।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.