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मध्य प्रदेश के चुनावी संग्राम में चल रहे शह और मात के खेल में आज भारतीय जनता पार्टी को उस समय झटका लगा जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले संजय सिंह ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। संजय सिंह मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह के भाई हैं। उन्होंने शनिवार को यहां कांग्रेस मुख्यालय में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ तथा पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा के शासन में हर वर्ग पीडि़त है और संजय सिंह इन सभी वर्गों की भावनाओं के साथ कांग्रेस में आये हैं। कांग्रेस राज्य में विकास का नया नक्शा बनाने की जद्दोजहद कर रही है और संजय सिंह के पार्टी में आने से उसे यह नक्शा बनाने में मदद मिलेगी।

संजय सिंह ने भाजपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में जिस तरह से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बांटे जा रहे हैं उससे साफ है कि वहां कामदारों पर नामदार हावी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में द्धंद्व की स्थिति है जो पार्टी परिवारवाद से लड़ने का दम भर रही थी वही अब पिताओं के बाद उनके पुत्र और पुत्रियों को टिकट दे रही है।

उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल पूछते हैं कि उनकी पार्टी कामदारों को छोडकर नामदारों को चुनावी मैदान में कैसे उतार रही है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में रोजगार और व्यवसाय की हालत खस्ता है। राज्य में निवेश के लिए सम्मेलन तो हुआ था लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकला। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह शिवराज के परिवार के सदस्य नहीं बल्कि उनके रिश्तेदार हैं। उन्होंने कहा, ” मैं उनका साला हूं मेरा कुल और वंश अलग है। ”

यह समझा जा रहा है कि सिंह भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज हैं और कांग्रेस उन्हें टिकट दे सकती है। मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।

                                                                     -साभार, ईएनसी टाईम्स

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