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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम विवाद में मंत्री पद की कुर्सी गंवाने के बाद मंजू वर्मा पर अब आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सीबीआई की छापेमारी के दौरान पूर्व मंत्री मंजू वर्मा घर से बरामद कारतूस जांच के बाद अवैध करार दिये गये हैं। ये सभी कारतूस ऐसे हथियार के हैं, जिन्हें रखने की इजाजत आम आदमी को नहीं है। ऐसे में अब उनकी कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

सीबीआई ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के विरुद्ध चेरियाबरियारपुर थाने में अवैध रूप से हथियार रखने को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी। इसके बाद जब्त किये गये सभी 50 कारतूसों को जांच के लिए एफएसएल पटना भेजा गया था।

मंगलवार को एसपी आदित्य कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट में पता चला है कि मंजू वर्मा के घर से जितने भी कारतूस बरामद किये गये थे, वे सभी अवैध हैं। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार था। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करेगी। मंजू वर्मा के घर से सीबीआई ने  40 कारतूसों में 19 सशस्त्र बलों के  एसएलआर राइफल में उपयोग किया जाने वाला कारतूस बरामद किया था जिसकी बिक्री पूरे देश में अवैध है । ग़ैर सरकारी कार्यों के लिए इसका भंडारण भी अवैध है। मंजू वर्मा या उसके पति चंद्रशेखर वर्मा कारतूस के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।

मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न की जांच कर रही सीबीआई ने 17 अगस्त को मंजू वर्मा के ससुराल, पटना स्थित सरकारी आवास समेत 12 जगहों पर छापेमारी की थी। पटना में मंजू वर्मा और उनके कुछ सहयोगियों से सीबीआई ने लंबी पूछताछ की थी ।मुजफ्फरपुर रेप कांड के मुख्य आऱोपी ब्रजेश ठाकुर ने चंद्रशेखर वर्मा के साथ संपर्कों को स्वीकार किया था जिसके बाद भारी दबाव के बीच मंजू वर्मा ने आठ अगस्त को नीतीश कुमार मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।

हालांकि इस्तीफे के बाद मंजू वर्मा ने कैबिनेट के एक और सदस्य और मुजफ्फरपुर से भाजपा विधायक सुरेश शर्मा को भी हटाने की मांग कर राजनैतिक उथल-पुथल पैदा कर दी और विपक्ष ने उनका साथ दिया।

ब्यूरो रिपोर्ट, एपीएन

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