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देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई पर इस समय भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। सीबीआई के दो बड़े अफसर को केंद्र सरकार ने छुट्टी दे दी है। यही नहीं इस मामले में खुद केंद्र सरकार घिरी हुई नजर आ रही है। खास बात ये है कि इन सबके पीछे सिर्फ एक आदमी है और वो है मीट कारोबारी मोइन कुरैशी। यह मोइन कुरैशी इससे पहले भी कई सीबीआई अधिकारियों की छुट्टी की वजह बन चुका है। सीबीआई के दो प्रमुख एपी सिंह और रंजीत सिन्हा के पतन की भी वजह मोइन कुरैशी ही था। इस मीट कारोबारी पर मनी लॉन्ड्रिंग, इनकम टैक्स चोरी, भ्रष्टाचार आदि से जुड़े मामलों की जांच चल रही है। उन पर हवाला के जरिए सरकारी अफसरों औऱ राजनेताओं को बड़ी घूस देने का भी आरोप लगा है।

मोइन कुरैशी एक सामान्य सा मीट कारोबारी था। लेकिन देखते-देखते वो कब शासन और प्रशासन में अपनी पैठ बनाता गया किसी को खबर तक नहीं हुई। उसने 1993 में रामपुर में एक छोटा सा बूचड़खाना खोला था और जल्द ही वह देश का सबसे बड़ा मांस कारोबारी बन बैठा। पिछले 25 वर्षों में उसने निर्माण और फैशन समेत कई सेक्टरों में 25 से ज्यादा कंपनियां खड़ी कर ली। कुरैशी का नाम सबसे पहले 2014 में सामने आया, जब यह पता चला कि 15 महीने में कुरैशी कम से कम 70 बार तत्कालीन सीबीआई चीफ रंजीत सिन्हा के घर पर गया था।

आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच मौजूदा विवाद में हैदराबाद के बिजनसमैन सतीश बाबू सना का नाम भी सामने आया है। सना ने पिछले साल ED को कथित तौर पर बताया था कि उसने सिन्हा के जरिए एक सीबीआई केस में फंसे अपने दोस्त को जमानत दिलाने के लिए 1 करोड़ रुपये कुरैशी को दिए थे। सिन्हा 2012 से 2014 तक एजेंसी के चीफ रहे और वह लगातार सभी आरोपों से इनकार करते रहे। बात यहीं नहीं खत्म हुई। बाद में 2014 में पता चला कि कुरैशी और एक अन्य सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह के बीच मेसेज का आदान-प्रदान हुआ था। ऐसे में देखा जाए तो अब तक चार सीबीआई अधिकारी रडार पर आ चुके हैं और न जानें कौन-कौन से नाम भविष्य में आ सकते हैं।

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