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भारत-नेपाल के बिगड़े रिश्तों को ठीक करने की कोशिश काफी समय से की जा रही है। शुक्रवार को पीएम मोदी नेपाल के जनकपुर पहुचें, जहां उन्होंने जनकपुर-अयोध्या बस को हरी झंडी दिखाते हुए कहा, कि नेपाल के बिना भारत उतना ही अधूरा है जैसे माता सीता के बिना अयोध्या का अस्तित्व। ये नाता तो सालों पुराना है और ये दोस्ती हमेशा अजर अमर रहेगी। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज रामनगरी अयोध्या के रामकथा पार्क में जनकपुर-अयोध्या बस सेवा का स्वागत किया। इस दौरान सीएम योगी ने कहा, कि अयोध्या और जनकपुरी का नाता सदियों पुराना है और पीएम मोदी इस रिश्ते को और मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उनके ही अथक प्रयास से आज यह मैत्री बस सेवा शुरू हो पाई है, उनको बहुत बहुत धन्यवाद।

शुक्रवार को नेपाल पहुंचे पीएम मोदी ने कहा, भारत और नेपाल किसी परिभाषा से नहीं बल्कि एक भाषा से बंधे हुए हैं और वह है आस्था का बंधन। नेपाल के बिना भारत के धाम भी अधूरे हैं और राम भी। मोदी ने कहा, लगता है सीता जी ने ही भद्रकाली एकादशी का दिन मुझे दर्शन देने के लिए तय किया था। आज जानकी मंदिर में दर्शन कर सालों पुरानी मनोकामना पूरी हुई।

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बता दें, जब सीएम योगी बस का स्वागत कर रहे थे, तभी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन पर तंज कसते हुए ट्वीट किया और लिखा, कि आज अयोध्या के लोग पूछ रहे हैं कि आर्ट गैलरी, परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण और वृक्षारोपण के लिए बजट क्यों नहीं दिया जा रहा? कम-से-कम अयोध्या के लिए दिये गये ‘वचनों’ को तो जुमला न बनाएं।

विदित है कि चीन हमेशा से ही भारत-नेपाल में रिश्तों में दरार डालने की कोशिश करता रहा है लेकिन कहते हैं न सालों पुरानी दोस्ती को तोड़ना इतना आसान नहीं। इसका उत्कृष्ट उदाहरण तभी देखने को मिल गया था जब नेपाल के पीएम के पी ओली शर्मा ने चीन के आमंत्रण को ठुकरा कर भारत आना स्वीकार किया था।

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