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यूपी से राज्यसभा की दस सीटों पर आज हो रहे चुनाव को लेकर बीजेपी, सपा और बसपा तैयारियों में जुटी रही…कांग्रेस भी सपा-बसपा के साथ है…अखिलेश और सीएम योगी की बैठकों और दावतों ने जाहिर कर दिया है कि सभी दलों के लिए ये चुनाव साख का सवाल बने हैं…दरअसल, सपा की जया बच्चन और बसपा के बीआर अंबेडकर की जीत के लिए 74 मत चाहिए…नितिन अग्रवाल के पाला बदलने और मुख्तार अंसारी हरिओम यादव के जेल में होने से सपा-बसपा और कांग्रेस के पास 71 विधायक ही बचे हैं…

अखिलेश की डिनर डिप्लोमेसी के बाद शिवपाल सिंह यादव के तल्ख रुख में नरमी दिखी…राजा भैया और उनके करीबी विनोद सरोज ने साथ आने का भरोसा दिया तो सपाई खेमे ने राहत की सांस ली…इस बीच विपक्ष को एक और झटका लगा…निषाद पार्टी के इकलौते विधायक विजय मिश्रा ने बीजेपी के पक्ष में वोट देने की घोषणा कर दी…

उम्मीदवार खड़े करने में नाकाम 7 विधायकों वाली कांग्रेस विपक्षी एकजुटता का संदेश देने के लिए बसपा के साथ है…मायावती पहले ही कांग्रेस को चेता चुकी थी कि जब यूपी में उसके पक्ष में वोट पड़ेंगे तभी मध्य प्रदेश में कांग्रेस का साथ देंगी…अब कांग्रेस के सात विधायकों के वोट बसपा को दिलाने की खास जिम्मेदारी प्रमोद तिवारी, राजबब्बर, संजय सिंह और पीएल पुनिया को दी गई है…

बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के सभी विधायकों को सीएम आवास पर वोट देने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है…सीएम योगी से नाराज ओमप्रकाश राजभर अब खुश हैं…लेकिन, सपा से नितिन अग्रवाल, निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी और निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा के साथ आने के बाद भी बीजेपी के नौवें उम्मीदवार का अंकगणित गड़बड़ ही है…वहीं जीत के लिए सीएम योगी, बीजेपी प्रदेशध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय, सुनील बंसल, सुरेश खन्ना, सतीश महाना खास निगहबानी कर रहे हैं…

लेकिन सूत्रों के मुताबिक मायावती ने सपा से उन नौ विश्वस्त विधायकों की फेहरिस्त मांगी है जो बसपा उम्मीदवार को प्रथम वरीयता का मत देंगे…ऐसा करने से जया बच्चन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं…अब ये तय है कि बीजेपी के नौवें उम्मीदवार की जीत बिना सेंधमारी के असंभव है…ऐसे में क्रास वोटिंग और हार्स ट्रेडिंग की आशंकाएं तेज हो गई हैं…

ब्यूरो रिपोर्ट एपीएन

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